अनीता गुलेरिया
दिल्ली :- द्वारका सेक्टर 7.एयर फोर्स नेवल सोसायटी के फ्लैट नंबर-635 में रिटायर्ड विंग-कमांडर विनोद कुमार जैन की पत्नी मीनू जैन की घर के अंदर रहस्यमयी तरीके से हुई मौत की गुत्थी को द्वारका पुलिस ने बहुत कम समय में सुलझाते एक आरोपी दिनेश दीक्षित उम्र (55) साल प्रॉपर्टी डीलर को जयपुर से गिरफ्तार किया है । द्वारका एसीपी राजेन्द्र सिंह की निगरानी में 50 पुलिस वालों की टीम को इस केस की जांच में लगाया गया । शुरुआती जांच में पुलिस ने नेवल सोसायटी में लगे सीसीटीवी फुटेज में वारदात के दिन दोपहर के समय एक सफेद डिजायर गाडी को मीनू जैन के फ्लैट नंबर से एंट्री करते पाया ।
जांच में गाड़ी नंबर के गलत पाए जाने और मृतक महिला के दोनों मोबाइल चोरी होने से पुलिस को इस बात का अंदेशा हो गया था, कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश का नतीजा है ।
शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी का लोकेशन गुडगांव और कई टाॅल-क्रासिंग व सीसीटीवी फुटेज आधार पर गाड़ी का जयपुर जाना पाया गया । तभी एसीपी राजेंद्र सिंह ने इंस्पेक्टर नवीन, एसआई अरविंद के साथ टीम को जयपुर रवाना किया । जयपुर-अथॉरिटी से चारों गाड़ियों का पता लगाया गया । पता मिलने पर पुलिस ने सकाइवे-अपार्टमेंट,पार्किंग में गाड़ी को खड़ा पाया ।
पुलिस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को गाडी के साथ धर-दबोचा । द्वारका डीसीपी एन्टो अल्फोनस द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी दिनेश दीक्षित से लूटपाट किए पांच लाख के आभूषण, नकदी कैश और नकली नंबर-प्लेट बरामद कर ली है । कड़ी-पूछताछ दौरान आरोपी दिनेश ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया उसकी मीनू जैन से ऑनलाइन डेटिंग एप क्वेक-क्वेक के जरिए दोस्ती हुई थी । बाद मे उसका मीनू जैन के फ्लैट पर आना जाना जारी हो गया इस दौरान उसके मीनू जैन से अवैध संबंध बन गए थे । इन मुलाकातों के दौरान दिनेश को घर में रखी नकदी और आभूषणों की जानकारी मिलते ही उसने 26 अप्रैल को वह लूटपाट के इरादे से गाड़ी पर गलत नंबर प्लेट लगाकर दोपहर के समय मीनू जैन के फ्लैट पर पहुंचा ।
दोनों ने एक साथ लंच किया । उसके बाद दिनेश दीक्षित ने महिला को शराब पिलाई जब महिला नशे में पूरी तरह धूत हो गई,तो दिनेश ने घर में रखे आभूषण और कैश पर हाथ साफ किया और सबूत मिटाने के लिए महिला की तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी, और सुबह तड़के ही घर के बाहर ताला लगाकर, मौके से फरार हो गया ।द्वारका डीसीपी अल्फोंस अनुसार आरोपी को आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी लगाने की लत थी । कुछ समय से सट्टेबाजी में हुए भारी नुकसान की भरपाई के चलते उसने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया । इस तरह द्वारका पुलिस द्वारा संजीदगी दिखाते हुए बहुत कम समय में इस रहस्यमयी मर्डर-मिस्ट्री को सुलझाना अपने आप में काबिले तारीफ है । दूसरी तरफ यह खबर उन लोगों के लिए बहुत बड़ा सबक है, जो सोशल-साइट पर किसी भी अनजान-आदमी पर आंख मूंदकर विश्वास करते हुए खौफनाक वारदातों का शिकार बन जाते हैं ।



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