गौरवा कानूनगो का मामला, 1987 से महिला की जमीन पर काबिज हैं दबंग
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। मामला जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गौरवा कानूनगो के पूरे अहमद नगर का है। यहां की एक 80 वर्षीया बुजुर्ग महिला तशरीफुन निशा पत्नी सोहराब अली के मुताबिक उसकी पैतृक आराजी जो की राजस्व अभिलेखों में पीड़िता के नाम दर्ज कागजात है, जिस पर गांव के ही कुछ दबंगों ने एकराय होकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।
इस सम्बंध में पीड़िता ने न्यायालय के समक्ष वाद प्रस्तुत कर अनुतोष प्राप्त करने की याचना की थी, जिसमें भी पीड़िता के पक्ष में डिक्री प्रदान की जा चुकी है। इसके बाद भी विपक्षी पीड़िता की जमीन को कब्जामुक्त नहीं कर रहे हैं।पीड़िता ने उक्त सम्बंध में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगायी है।
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| पीड़िता तशरीफुन निशा |
जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के गौरवा कानूनगो के अहमद नगर की रहने वाली बुजुर्ग महिला तशरीफुन निशा आंखों में आंसू भरकर अपना दर्द बयां करते हुए कहती हैं कि उनकी पैतृक जमीन गाटा संख्या 466 मौजा गौरवा कानूनगो, तहसील व जिला गोण्डा में मौजूद है जो की राजस्व के समस्त अभिलेखों में उसके नाम दर्ज कागजात है।
आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने 1987 में उस जमीन पर जबरन अवैध रूप से कब्जा कर लिया था, तब से पीड़िता उक्त जमीन का मुकदमा पैदल गोंडा कचेहरी आकर लड़ रही है। वर्ष 2005 में पीड़िता के पक्ष में न्यायालय से डिक्री भी प्रदान की गयी। तब से पीड़िता लगातर अब तक उक्त भूमि पर कब्जे के लिए प्रशासन का चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। वह न्याय व्यवस्था से पूरी तरह निराश और हताश हो चुकी है। पीड़ित महिला का कहना है कि थाने से लेकर डीएम और एसपी तक उसकी फरियाद नहीं सुन रहे हैं जबकि माननीय न्यायालय द्वारा उसके पक्ष में फैसला दिया जा चुका है।
क्या कहते हैं पीड़िता के अधिवक्ता
पीड़ित महिला तशरीफुन निशा के अधिवक्ता एवं जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दीक्षित ने बताया कि मामला अभी जल्द ही मेरे पास आया है।
पत्रावली का परसीलन करने से ज्ञात हुआ है कि पीड़िता का नाम समस्त राजस्व अभिलेखों में दर्ज कागजात है और न्यायालय की डिक्री भी पीड़िता के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2019 को जिलाधिकारी गोण्डा एवं पुलिस अधीक्षक को समस्त प्रपत्रों के साथ अवैध कब्जा मुक्त कराकर न्यायलय का अनुपालन कराये जाने के सम्बंध में अनुरोध पत्र दिया गया है, जिसमें पुलिस अधीक्षक द्वारा थानाध्यक्ष मोतीगंज को आदेशित किया गया है कि राजस्व कर्मियों के सहयोग से न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराकर आख्या प्रदान करें, लेकिन इसके बाद भी मोतीगंज पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।




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