अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। बलरामपुर के युवा एवं लोकप्रिय नेता राजेश्वर मिश्रा ने एक बार फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा के क्षेत्रिय संगठन महामंत्री प्रदुमन ने राजेश्वर मिश्रा को भाजपा की सदस्यता दिलाई।
जानकारी के अनुसार इससे पहले भी राजेश्वर मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रहे हैं । साल 2017 के दौरान उन्होंने तुलसीपुर विधानसभा से टिकट पर दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने उनको टिकट न देकर, तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र से संगठन में काम कर रहे कैलाश नाथ शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया था और उन्होंने पार्टी की नीतियों पर कुशलता पूर्वक कार्य करते हुए जीत दर्ज की तथा विधानसभा तुलसीपुर की सीट भाजपा के खाते में डाल दी।
टिकट न मिलने से नाराज राजेश्वर मिश्रा ने पार्टी छोड़ दी थी औऱ निर्दलीय चुनाव लड़ा परंतु ने हार का मुंह देखना पड़ा । श्रावस्ती लोकसभा 2019 के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होने के कारण राजेश्वर मिश्रा ने एक बार पुनः ब्राह्मण प्रत्याशी दद्दन मिश्रा को अपना समर्थन दिया है ।
साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम कर दद्दन मिश्रा को जिताने की अपील भी की है। राजेश्वर मिश्रा युवाओं का वह चेहरा माने जाते हैं, अगर कहीं भी सभा में राजेश्वर मिश्रा का नाम भी लिया जाता है तो युवाओं की एक भीड़ बिना बुलाए ही उस सभा में दौड़ी चली आती है । जिंदगी के सफर में तमाम उतार-चढ़ाव राजेश्वर मिश्रा ने देखे हैं।
राजेश्वर मिश्रा का कहना है कि घर से अगर कोई चला जाता है तो जरूरी नही कि वह घर छोड़कर हमेशा के लिए चला गया, कुछ ऐसे काम होते हैं जो घर से बाहर निकल कर ही अंजाम दिए जा सकते हैं । काम अंजाम देने के बाद घर कोई भी व्यक्ति हो तो वापस लौटता ही है, और मैंने पुनः सुजीत शुक्ला उर्फ छोटू शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ो लोगो के साथ भाजपा की नीतियों एवं आदर्शों के चलते भाजपा में वापसी कर ली है । उन्होंने नया नारा देते हुए कहा कि "बलरामपुर में एक बाहरी, एक चोर चलो चले दद्दन की ओर" ।
उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दद्दन मिश्रा को समर्थन देकर भारी मतों से विजयी बनाने की अपने समर्थकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने के साथ साथ दद्दन मिश्रा को जीत दिलाकर पार्टी की नीतियों पर काम करना, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना ही मेरा कर्तव्य है । दद्दन मिश्रा की जीत मोदी जी की जीत है और इस जीत से ही सुशासन सम्भव है।


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