सुनील उपाध्याय
बस्ती। बगैर किसी आदेश के सफाईकर्मियों की डियूटी गौशाला के लिये सांड व आवारा जानवरों को पकड़ने के लिये डियूटी लगाने पर नाराज सफाईकर्मी डीपीआरओ से मिले। उ.प्र. पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार आर्य ने समस्या से अवगत कराते हुये कहा कि जानवरों को पकड़ने में सफाई कर्मचारी चोटिल हो रहे हैं, कोई भी अधिकारी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नही है।
ऐसे में वे लोग जिनकी डियूटी गौशाला मेंं लगी है डरे और सहमे हैं। रामनगर ब्लाक के परसोहिया में तैनात सफाईकर्मी रामसुंदर यादव के बायें हाथ में फ्रैक्चर हो गया और सीने में गंभीर चोट लगी। घटना सांड़ पकड़ते वक्त हुई। इतना ही नही दिव्यांग कर्मचारियों को भी सांड़ पकडने में लगाया गया है। आर्य ने यह भी कहा कि एडीओ पंचायत अपने कार्यालय से सम्बद्ध सफाईकर्मी से प्रभावित होकर कर्मचारियों की तैनाती कर रहे हैं। आश्चर्य तब हुआ जब महिला सफाईकर्मी को भी आवारा जानवरों को पकड़ने के लिये लगा दिया गया। गौर ब्लाक के बलिराम चौधरी, रूधौली ब्लाक के बिकलांग रोहित सिंह, कप्तानगंज के सालिकराम मौर्य आदि सांड़ के हमलों से घायल हो गये हैं। इसमें कई लोग गंभीर हैं।
आर्य ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी से गावों में सफाई कार्य प्रभावित हैं। विभाग की ओर से घायलों के इलाज की भी कोई व्यवस्था नही की गयी है। महामंत्री रूद्रनारायन उर्फ रूदल ने कहा उपरोक्त मामले में सांड पकड़ने की डियूटी से सफाईकर्मियों को मुक्त करने के साथ ही घायलों के इलाज का समुंचित प्रबंध न हुआ तो संगठन आगामी रणनीति पर विचार करेगा और सफाईकर्मियों की सुरक्षा और उनके भविष्य के लिये अपनी बात शासन तक पहुंचाने को बाध्य होगा। शुक्रवार को घायल सफाईकर्मी से मिलने संगठन के पदाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इनमें प्रमुख रूप से ब्लाक अध्यक्ष राजेश कुमार, मो. कलीम, लवकुश, संजय कुमार, अरूण कुमार, राजीव कुमार यादव आदि शामिल थे।


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