ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह की गैरमौजूदगी में जिले की पुलिस बेलगाम और कानून व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। स्वास्थ्य कारणों से पिछले करीब दस दिनों से अवकाश पर चल रहे पुलिस कप्तान का चार्ज फिलहाल अपर पुलिस अधीक्षक के पास है, जिनकी जिले के थानेदार सुनते ही नहीं हैं। खाकी की तानाशाही और बेलगामी का ताजा मामला जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र का है, जहां अधिकारियों के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पुलिस ने विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करा दिया। बताते हैं कि कब्जा कराने से पहले पुलिस पीड़ित तथा उसके परिवार की महिलाओं को भी थाने उठा ले गयी थी।
बलरामपुर जिले के फरेंदा गांव की श्रीमती कांती पुत्री राम मिलन पति राम प्रसाद ने 17 जून 2019 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा को प्रार्थना पत्र दिया जिसमें कहा गया कि उसका एक मकान ग्राम मुजेहना थाना धानेपुर जनपद गोण्डा में स्थित है जिसकी 1/5 भाग की वह मालिक, काबिज और अधिकारवान है। विपक्षी सरकश, जालसाज व भूमाफिया किस्म का व्यक्ति है, जो कि राम कुमार पुत्र राम मिलन प्रार्थिनी का भाई है, जिसका अंश उक्त पैतृक मकान में 1/5 भाग था, लेकिन संतोष कुमार ने राम कुमार को शराब पिलाकर धोखे से बगैर प्रतिफल के सड़क के किनारे की कीमती जमीन का बैनामा रामकुमार के हिस्से से अधिक करवा लिया था जबकि प्रार्थिनी के भाई ने विपक्षी के खिलाफ दीवानी न्यायालय में उक्त बैनामा के शून्य घोषित करने के लिए शिवकुमार बनाम संतोष कुमार सामान्य वाद संख्या - 12/2019 न्यायालय श्रीमान सिविल जज (सीडी) के न्यायालय में प्रस्तुत कर रखा है।
प्रार्थिनी ने बंटवारा का मुकदमा सामान्य वाद संख्या - 317/2019 न्यायालय सिविल जज (जू.डि.) गोण्डा के न्यायालय में प्रस्तुत किया था जो सुलहनामा के आधार पर 31 मई 2019 को निर्णीत हो गया। विपक्षी अपनी सरकशी व जालसाजी के बिना पर प्रार्थिनी के मकान पर राजनीतिक प्रभाव के बलबूते जबरन कब्जा करके बेदखल करने पर आमादा हैं और प्रार्थिनी के खिलाफ असत्य आधार पर स्थानीय थाने पर तहरीर देकर प्रार्थिनी के भाई व बहनों को नाजायज तरीके से हैरान व परेशान करता रहता है।
पीड़िता कांती के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह ने तत्काल जांचकर आवश्यक कार्रवाई के लिए धानेपुर पुलिस को निर्देशित किया। इस पर पुलिस ने दबंग संतोष कुमार को फिलहाल शांत रहने की सलाह दी। इस बीच पुलिस अधीक्षक श्री सिंह के स्वास्थ्य कारणों से लम्बी छुट्टी पर जाते ही धानेपुर पुलिस ने रंग बदल दिया। आरोप है कि विपक्षी से साठगांठ करके आज पीड़िता की जमीन पर जबरन कब्जा करा दिया गया। बताते हैं कि विवादित जमीन की दूरी थाने से महज सौ मीटर है। बुधवार को सुबह करीब 10 बजे धानेपुर पुलिस विवादित स्थल पर पहुंची और विपक्षी का जबरन कब्जा करा दिया, जबकि रामकुमार व शिवकुमार की बहन कांती देवी ने पैतृक संपत्ति में हिस्से को लेकर वाद दायर कर रखा है। पुलिस ने इसे दरकिनार कर दिया। बताया जाता है कि मंगलवार की रात पुलिस छापा मारकर शिवकुमार को घर से उठा ले गई तथा बुधवार को सुबह ही महिलाओं को भी पकड़ ले गयी।
इस सम्बंध में थानाध्यक्ष का कहना है कि संतोष कुमार की तहरीर पर घर में घुसकर चोरी करने व सामान उठा ले जाने का मुकदमा न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है। इसी सिलसिले में पुलिस गयी थी। कब्जा कराने का आरोप निराधार है।



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