अखिलेश्वर तिवारी
मंगलवार को राप्ती का जलस्तर रहा 38 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने के कारण बाढ़ की हालत गंभीर हो चुकी है । मंगलवार की दोपहर तक राप्ती नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी ।हालांकि जलस्तर स्थिर होने की बात बताई जा रही है । बाढ़ की स्थिति लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर होती जा रही है ।
कई गांव में पानी घुस चुका है घरों से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं । राष्ट्रीय राजमार्ग 730 बौद्ध परिपथ पर पानी आ जाने के कारण मार्ग को बंद कर दिया गया है । इस मार्ग पर बन रहे पुल का बाईपास मार्ग सही ना होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है । मार्ग बंद होने के कारण कई घंटों से तमाम वाहन फंसे हुए हैं तथा जिला मुख्यालय से अधिकांश भागों का संपर्क टूट चुका है ।
जानकारी के अनुसार राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ साथ बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है । मंगलवार की दोपहर राप्ती नदी का जलस्तर सिसई घाट पर 105.080 रिकॉर्ड किया गया जो खतरे के निशान से लगभग 38 सेंटीमीटर ऊपर है । जिला मुख्यालय का संपर्क अधिकांश क्षेत्रों से टूट चुका है ।बौद्ध परिपथ पर बन रहे 4 पुलों में से दो के बायपास मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण सड़क कट गई जिससे आवागमन बंद हो गया है । लोगों की शिकायत है कि पुल निर्माण करने वाली कार्यदाई संस्था की लापरवाही के कारण तुलसीपुर गैसड़ी पचपेड़वा ललिया शिवपुरा सहित पूरे तराई क्षेत्र का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है । इन क्षेत्रों का आवागमन बौद्ध परिपथ के द्वारा होता था ।
जिम्मेदार कंपनी के लोगों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के हजारों लाखों लोगों को भुगतना पड़ रहा है । लाइव टुडे की टीम ने मौके पर जाकर पड़तााल की तो ये बात खुलकर सामने आई कि यदि एप्रोच मार्ग में ह्यूम पाइप डालकर थोड़ा और ऊंचा बनाया गया होता तो बाढ़ का पानी नीचे से निकल जाता और मार्ग अवरुद्ध नहीं होता । जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने कार्यदाई संस्था को तत्काल निर्माणाधीन पुल के बगल बनाए गए बायपास मार्ग में ह्यूम पाइप डालकर सड़क को ऊंचा करने का निर्देश दिया है ।
पंजाब-हरियाणा दिल्ली सहित कई प्रदेशों से माल लेकर आने वाले बड़े बड़े वाहन एनएच 730 पर आवागमन बंद होने के कारण कई घंटों से फंसे हुए हैं इन सभी वाहनों में से अधिकांश को भारत नेपाल सीमा के बढ़नी की ओर जाना था । इसके अलावा कोंड़री मथुरा, हरिहरगंज ललिया, महाराजगंज ललिया व तुलसीपुर गौरा मार्ग भी पानी भर जाने के कारण बंद कर दिए गए हैं । दर्जनों सरकारी स्कूलों तथा अस्पतालों में भी बाढ़ का पानी भर जाने से बंद कर दिया गया है ।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ