सुनील उपाध्याय
बस्ती। गुरू पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को सनातन चेतना चेरीटेबल ट्रस्ट और दीन दयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान की ओर से प्रेस क्लब में ‘ ‘सनातन धर्म और आज का भारत’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन कर गुरू की भूमिका पर विमर्श किया गया। इसी क्रम में आशीष कुमार श्रीवास्तव को संयोजक, महेन्द्र तिवारी और राजेश चित्रगुप्त, मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ को सह संयोजक का दायित्व सौंपा गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष राजेश मिश्र ने कहा कि सुखद जीवन के लिये हमें अपनी पुरातन संस्कृति की ओर लौटना होगा। सनातन धर्म ही वह मार्ग है जिस पर चलकर हम अपनी संस्कृति की रक्षा कर पाने में समर्थ होगा। उन्होने गुरू परम्परा को श्रेष्ठ बताया।
भाजपा नेता महेश शुक्ल ने कहा कि समर्थ गुरू के हाथों सदैव सृजन होते हैं। एसएलएफ संयोजक दीन दयाल तिवारी ने मनुस्मृति, संविधान और गुरू परम्परा के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला। गोष्ठी को आशीष कुमार श्रीवास्तव, विशाल पाण्डेय, सुनील भट्ट, अभयदेव शुक्ल, प्रदीप चन्द्र पाण्डेय, अशोक श्रीवास्तव आदि ने सम्बोधित करते हुये गुरू महिमा पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी में अनिल सिंह, प्रेमनाथ गोंड़, वृजेश शुक्ल, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, श्री प्रकाश श्रीवास्तव, अतुल सिंह, सौरभ कुमार बोस, शरद कुमार पाण्डेय, दिनेश चन्द्र मिश्र, काशी दूबे, पंकज गोस्वामी, रहमान अली, हरिनाथ, राकेश कुमार, अर्जुन भाष्कर, दिनेश पाण्डेय, अनूप मिश्र, डा. ओम जी पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।


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