अखिलेश्वर तिवारी
राप्ती का जलस्तर घटने से प्रशासन ने लिया राहत की सांस
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी तथा पहाड़ी नालों के उफान से आई बाढ़ में दर्जनों गांव के साथ साथ तमाम स्कूलों तथा अस्पतालों में भी पानी भर गया है । तराई क्षेत्र में बने कई अस्पताल में पानी भर जाने के कारण वहां के डॉक्टर अस्पताल से बाहर किसी ऊंचे स्थान पर जाकर दवाओं का वितरण कर रहे हैं । लाइव टुडे की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की हकीकत जानने का प्रयास किया तो कई जगहों पर अस्पताल वह स्कूल बंद रहे वहीं कई स्थानों पर डॉक्टर दवाओं के साथ सड़क के किनारे बैठकर लोगों का इलाज करते मिले ।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उच्चीकृत किए गए आयुष्मान केंद्र सिसई के सामने सड़क पर फार्मासिस्ट तथा उनके सहयोगी लोगों को दवा दे रहे थे । स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी तरह इस बाढ़ की समस्या के दौरान दवा उपलब्ध हो जाना बड़ी बात है । तराई क्षेत्र में बाढ़ के दौरान दवाओं का विशेष अभाव हो जाता है ऐसे में थोड़ी बहुत राहत भी वरदान सिद्ध होती है । राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है जिससे आने वाले दिनों में तराई क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से निजात मिलने की संभावना है । हालांकि राप्ती का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर ही बह रहा है ।
राहत की बात यह है कि जलस्तर लगातार घट रहा है और बुधवार की शाम तक खतरे के निशान से नीचे आ जाने के बाद राशन ने राहत की सांस ली । राष्ट्रीय राजमार्ग 730 बौद्ध परिपथ पर पानी आने के कारण बुधवार को दूसरे दिन भी आवागमन पूरी तरह बंद रहा । मार्ग बंद होने के कारण बड़ी संख्या में भारी वाहन जिन्हें आगे बढनी बार्डर तक जाना था सभी फंसे हुए हैं । इसके अलावा हरिहरगंज ललिया कोंड़री मथुरा, महाराजगंज ललिया, तुलसीपुर गौरा मार्ग पर भी पानी भर जाने के कारण आवागमन बाधित है । राप्ती का जलस्तर बुधवार के अपराह्न 3 बजे 104.470 रिकॉर्ड किया गया जो खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे है । राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है ।


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