अमरजीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो । श्रावण मास के शुरू हाेते ही रामकाेट स्थित प्राचीन लवकुश मन्दिर में भगवान भाेले शंकर का अभिषेक-पूजन प्रारम्भ हाे गया है। मन्दिर में भगवान का अभिषेक करने के लिए शिवभक्ताें की भारी भीड़ जुट रही है। यहां भगवान शिव के द्वादश ज्याेतिर्लिंग स्थापित हैं।
जिनका दिव्य दर्शन हम एक साथ कर सकते हैं। इसके लिए हमें देश के अलग-अलग प्रान्तों में जाने की जरूरत नही हाेगी। क्योंकि हम लाेग अयाेध्या के लवकुश मन्दिर में भगवान शिव के द्वादश ज्याेतिर्लिंग सेतुबंध रामेश्वर, घुश्मेश्वर महादेव, साेमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर महादेव, आेंकारेश्वर महादेव, केदारनाथ, भीमेश्वर महादेव, विश्वेशर महादेव, त्रयम्बकेश्वर, बैद्यनाथ, नागेश्वर महादेव का दिव्य दर्शन कर सकते हैं। पूरे सावन मास तक मन्दिर में भाेले शंकर के भक्ताें का तांता लगा रहता है। साथ ही साथ इस महीने में रूद्राभिषेक का कार्यक्रम लगातार चलता रहता है, जिसमें काफी संख्या में शिव भक्त सम्मिलित हाेकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
लवकुश मन्दिर के महन्त रामकेवल दास महाराज ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रावण मास के अवसर पर आश्रम में भगवान शिव का अभिषेक-पूजन शुरू हाे चुका है, जिसमें काेई भी भक्त सम्मिलित हाे सकता है। उन्होंने कहाकि भाेले शंकर के द्वादश ज्याेतिर्लिंग देश के अलग-अलग प्रान्तों में स्थापित है। जहां दर्शन के लिए सभी व्यक्ति नही पहुंच पाते हैं।
इसलिए उन सब लाेगाें के ध्यान में रखते हुए मैंने लगभग पांच वर्ष पहले आश्रम के परिसर में एक मन्दिर की स्थापना करवाई और वहीं पर शिव के द्वादश ज्याेतिर्लिंग काे स्थापित कराया। पूरे सावन भर मन्दिर में मेले जैसा माहाैल रहता है। भाेर से ही भक्तगण जलाभिषेक व रूद्राभिषेक के लिए उमड़ पड़ते हैं। यह क्रम मन्दिर में सुबह से लेकर सायंकाल तक चलता है।


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