अनीता गुलेरिया
दिल्ली : जनकपुरी C-1 में रविवार देर रात फुटपाथ पर सोई बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के बारे मे मीडिया से जानकारी मिलते ही दिल्ली महिला-आयोग अध्यक्ष स्वाति जय हिंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ मासूम पीडिता को देखने सफदरजंग अस्पताल पहुची । दरिदंगी का शिकार हुई बच्ची की माथे,चेहरे के इलावा पूरे शरीर पर गंभीर-जख्म है । अति-दर्दनाक पीड़ा से गुजर रही बच्ची बार-बार बेहोश हो रही है,अभी तक उसकी दो सर्जरी हो चुकी है, डाक्टरो अनुसार बच्ची के जख्मों को भरने में एक साल से भी ज्यादा समय लग सकता है ।
आयोग अध्यक्ष ने कहा बच्ची के शरीर का कोई अंग ऐसा नहीं है, यहां टांके ना आए हो, मासूम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है । मैंने अपने चार साल के कार्याकाल दौरान यह पहला केस इतनी क्रूरता बावजूद भी मासूम-बच्ची जिंदा है,बच्ची का दर्द इतना भयंकर है कि वह अपने मुंह से आवाज भी नहीं निकाल पा रही । जनकपुरी C-1 के गुस्साए स्थानीय-निवासियों ने भारी रोष-व्यक्त करते हुए चौराहे पर कई घंटे तक ट्रैफिक जाम करते हुए दोषी को तुरंत फांसी के फंदे पर लटका देने की मांग की । हैवानियत के बाद जान से मारने की कोशिश करते इस दोहरे-जुर्म के दरिंदे को पुलिस द्वारा मीडिया से छुपाने की पूरी कोशिश की गई,लेकिन इसके बाबजूद भी मीडिया-कर्मियो ने घटनास्थल और सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर सारी जानकारी जुटाते हुए दिल्ली महिला आयोग को सूचित किया ।
महिला-आयोग चीफ स्वाति जय हिंद ने नाराजगी जाहिर करते हुए आयोग की तरफ से उपायुक्त से इलाके के उक्त अधिकारी का नाम और मामले में हो रही छानबीन के बारे में पूरी जानकारी का ब्यौरा मांगते हुए कहा, सीआईसी टीम को सूचना ना देने पर अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का उक्त-ब्यौरा मांगा है । उच्च-न्यायालय ने ऐसे मामलों की सूचना आयोग को देने के निर्देश जारी किए हुए है । महिला-आयोग द्वारा पुलिस सहित महिला व बाल विकास मंत्रालय से भी बच्ची के पुनर्वास के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं,जवाब मांगा है पीड़ित मासूम गरीब घर से, उसकी मां फूटपाथ पर रहती है और पिता दिहाड़ी मजदूर है ।स्वाति ने गुस्सा-जाहिर करते हुए कहा,आखिर पुलिस द्वारा इतने बडे दर्दनाक-हादसे को आयोग से छुपाने की कोशिश क्यों और किस लिए की गई, कारण बताओ नोटिस जारी किया है । स्वाति द्वारा समय पर पुलिस से सूचना ना मिलने के कारण वह बच्ची की मदद नहीं कर पाई ।
दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री-अरविन्द केजरीवाल ने गरीब-परिवार को आर्थिक तौर पर मदद के लिए तुरंत दस लाख रुपए देने की घोषणा की है । स्वाति-जय हिंद ने मासूम पीड़िता के लिए कोर्ट में केस लड़ने के लिए बड़े से बड़ा वकील हायर करने की अपील के साथ जितना जल्दी हो सके वहशी-दरिंदे को जल्द फांसी पर लटकाने की मांग की । अब सवाल यह उठता है हमारी सरकारें बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ नारे को सार्थक-रूप देने में नाकाम क्यों हैं ? मासूम शोषण के प्रति क्यो,कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे है ।
निर्भया-कांड होने के बाद बने फास्ट-ट्रैक कोर्ट और फांसी की सजा होने के बावजूद मासूम दरिंदगी में हुई बढ़ोतरी,अब तक सरकार की नाकामियों को दर्शाती है,क्या बेटी इस धरा का जीव नहीं है ? क्या उसे इस धरा पर संरक्षण-तहत जीने का अधिकार नहीं ? आखिर क्यों वहशी-दरिंदे आए दिन सरेआम बेखौफ-कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं,मासूमो की कम उम्र को मद्देनजर रखते हुए जितना जल्दी हो सके कम समय के अंदर ही इन जैसे दुष्कर्मियों को जल्द से जल्द फांसी पर लटकाया जाना बहुत जरूरी है । समाज के वहशी दरिंदो के अंदर खौफनाक डर पैदा हो जाए,फिर से किसी नई मासूम-निर्भया का जन्म ना हो पाए ।


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