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बैंकों के राष्ट्रीयकरण के स्वर्ण जयंती अवसर पर हुआ गोष्ठी का आयोजन




अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।।  देश में संचालित हो रहे विभिन्न प्रमुख बैंकों के राष्ट्रीयकरण का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जा रहा है । 19 जुलाई 1969 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया शुरू की थी । यूपी बैंक एम्पलाइज  यूनियन द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया |

जिसमें बतौर मुख्य अतिथि विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ल ने कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया ।  आयोजकों द्वारा सभी मुख्य अतिथि तथा विशिष्ठ अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया गया । मुख्य अतिथि को अंग वस्त्र तथा मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया ।

                        
कार्यक्रम का संचालन कर रहे यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के महामंत्री संजय कुमार शुक्ला ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के लंबे संघर्षों के बाद 19 जुलाई 1969 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 बड़े बैंकों के राष्ट्रीयकरण किए जाने की घोषणा की थी । उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उस समय अपने ही पार्टी के लोगों के विरोध के बावजूद इंदिरा गांधी ने जो कार्य किया था उसे भुलाया नहीं जा सकता । उन्होंने ही 1980 में पुनः बचे हुए 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया । विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए रामनरेश त्रिपाठी ने उन तमाम एआईबीईए के शीर्षस्थ नेताओं के योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि हमारे तमाम नेताओं के कुर्बानी के बाद हमें यह उपलब्धि हासिल हुई थी ।

 उन्होंने खेद व्यक्त किया कि वर्तमान समय में जितने भी बैंक में लोग काम कर रहे हैं वह एआईबीईए के कुर्बानियों को शायद याद नहीं कर रहे हैं । यही कारण है कि विभिन्न बैंकों के यूनियन एक दूसरे से सामंजस्य स्थापित नहीं कर पा रहे हैं । फलस्वरूप सभी लोग कमजोर होते जा रहे हैं । आज बैंक एम्पलाइ दो राहे पर खड़ा है जहां से दोनों तरफ कठिन रास्ते हैं । वहां पर सभी के एक होने की नितांत आवश्यकता है । अपने हक की लड़ाई के लिए सभी को एक होना ही पड़ेगा  ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक तुलसीपुर  कैलाश नाथ शुक्ल ने तमाम आशंकाओं का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी कोई भी बुरी नहीं होती सभी का उद्देश्य जनता व कर्मचारियों की भलाई करना होता है । 

यह बात और है कि लोग इसे अपने-अपने नजरिए से देखते हैं । उन्होंने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी ने जो बैंक कर्मचारियों के लिए  जो कार्य किया था उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता । उन्होंने वर्तमान सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैंक कर्मचारियों सहित तमाम विभागों में कार्यरत तमाम कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील हैं । उन्होंने ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज यूनियन द्वारा दिए जा रहे किसी भी मांग को प्रदेश सरकार की संस्तुति के साथ केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री डीपी शर्मा ने कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर प्रकाश डाला । 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंक कर्मचारियों ने जिस दिलेरी और मेहनत से रात दिन एक कर के समस्या का समाधान कम से कम समय में किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता ।हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बात की तारीफ कर चुके हैं परंतु बैंक कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मोदी सरकार भी गंभीर नहीं दिख रही है जिसका नतीजा है कि पिछले 2 साल से वेतन पुनरीक्षण फाइल अटकी हुई । उन्होंने मांग की कि बैंक कर्मचारियों की मेहनत व कर्तव्य निष्ठा को ध्यान में रखते हुए समस्याओं का शीघ्र निदान कराया जाए । उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रीय कृत बैंक सरकार द्वारा घोषित किसी भी योजना को धरातल पर उतारने के लिए सहायक होते हैं ।  हमेशा राष्ट्रीय कृत बैंकों में कार्यरत  अधिकारी कर्मचारी  ही योजनाओं को मूल रूप प्रदान करने के लिए अपनी  महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं । 

ऐसी दशा में राष्ट्रीयकृत बैंकों तथा उन में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की समस्याओं का निदान करना भी सरकार की जिम्मेदारी बनती है । कार्यक्रम में कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान आनंद उपमन्यु , यूपी बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष कामरेड प्रशांत सिंह, इलाहाबाद बैंक के महामंत्री सीताराम यादव, यूको बैंक के उपाध्यक्ष भूषण शर्मा, इलाहाबाद बैंक के उपाध्यक्ष संजय सिंह, सिंडीकेट बैंक के संयुक्त मंत्री मनीष श्रीवास्तव, केनरा बैंक के कोषाध्यक्ष अनुज शुक्ला, इलाहाबाद बैंक ऑडिटर राजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के संगठन मंत्री रमन जयसवाल, इंडियन बैंक के उप मंत्री प्रवीण सिंह, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के उपमंत्री यशवंत सिंह, ओरिएंटल बैंक के उपमंत्री मोहम्मद हरीश खान, बैंक ऑफ इंडिया के महामंत्री मोहम्मद कलीम, पीएनबी के उप मंत्री मनीष सिंह, इलाहाबाद बैंक के महामंत्री नितिन  कुमार, केनरा बैंक के उपाध्यक्ष आदित्य कुमार तथा प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता अन्य बैंकों के तमाम अधिकारी कर्मचारी व प्रतिनिधि मौजूद थे ।

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