अमरजीत सिंह
अयोध्या । क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री का रैकेट जिम्मेदार लोगों के संरक्षण में फल-फूल रहा है।शनिवार शाम को खण्डासा थाना प्रांगण से चन्द कदम दूर पान की गुमटी पर आबकारी विभाग की छापेमारी ने ग्रामीणों के इस आरोप को और भी मजबूत कर दिया।ग्रामीणों द्वारा इस दुकान से अवैध गांजे की पुड़िया खरीदकर वीडियो बनाया गया,जिसे आबकारी टीम को दिया भी गया।छापेमारी के बाद कार्रवाई तो दूर आबकारी विभाग की टीम ने शिकायत करने वालों से दूरी बना ली।
कई बार फोन करने पर खराब नेटवर्क का बहाना बनाकर फोन काट दिया गया। शिकायतकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस की नाक के नीचे चल रही अवैध गांजे की बिक्री का स्टिंग ऑपरेशन किया गया।खरीद का वीडियो बना कर आबकारी विभाग को इसकी सूचना महज इसलिए दी गई ,क्योकि खंडासा थाने से चन्द कदम दूर चल रहे इस कारोबार से अनजान नहीं है।आबकारी विभाग की टीम काफी हीला हवाली के बाद छापे मारी के लिए तैयार भी हुई,तो छापे के बाद बगैर कार्रवाई वापस चली गई।शिकायत कर्ता ने कई बार फोन किया तो खराब नेटवर्क का बहाना बनाकर काट दिया गया। शिकायत कर्ता ने यह भी बताया कि आबकारी टीम के एक सदस्य ने दुकान पर पंहुचते ही कहा कि यह तो फलां होमगार्ड के पिता जी की दुकान है,परिचित हैं।पुलिस और आबकारी विभाग ही नहीं,इस खेल में कई सफेदपोश भी शामिल हैं।चर्चा है कि उक्त होमगार्ड का भाई जो स्वयं को सत्ता दल के एक जनप्रतिनिधि का करीबी बताता है,इस धन्धे का पूरे क्षेत्र में संचालन कर रहा है।
बीती 10 मई को खंडासा पुलिस ने जूनियर हाईस्कूल जिगनाही के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार से चार किलो गांजे के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद दारोगा पर सत्तादल के उसी जनप्रतिनिधि का दबाव डाल कर सत्तादल के ही एक नेता के पुत्र को बचा लिया गया।पुलिस ने इस मामले में तीन ही आरोपितों को एनडीपीएस में जेल भेजा था।उक्त आरोपित इसी रैकेट का हिस्सा थे।पुलिस पर राजनीतिक प्रभाव डालकर इस रैकेट ने अपना कारोबार जारी रखा है।इस गंठजोड़ से क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री फल- फूल रही है तथा खुलेआम चल रही है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ