अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद स्तरीय प्रशासनिक एवं गोसंरक्षण अधिकारियों के साथ गोवंश संरक्षण एंव संवर्धन विषय पर गोसवा आयोग के अध्यक्ष ने की बैठक-गोसेवा आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर श्याम नन्दन सिंह ने अधिकारियों के साथ गोसंरक्षण एवं संवर्धन विषय पर बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की। उन्होंने जनपद में संचालित गोशालाओं की जानकारी ली, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में सरकारी व गैर सरकारी पंजीकृत कुल 1058 गौशालाएं संचालित है व 15 काजी हाउस जिला पंचायत द्वारा चलायी जा रही है।
इन गोशालाओं में विभागांे द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी संबन्धित अधिकारियों से प्राप्त की। गोसेवा अध्यक्ष ने कहा कि कई जनपदों में गोशालाओं में सुरक्षा खाई की वजह से कई गायों की मृत्यु हो गई। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोशालाओं में इस प्रकार की घटनाएं न हो। गोसेवा अध्यक्ष ने कहा कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कि गायों व अन्य जानवरों के लिए चारे आदि की कमी न होने पाये। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर को खाद के रूप में प्रयोग करने व वायोगैस के रूप में प्रयोग करने की सलाह दी, गाय मूत्र से फिनायल बनाने की सलाह दी। कहा कि इन गो उत्पादों को बाजार में बेचकर गोशालाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकती है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोसेवा में लोगों व आमजनता को जोड़ा जाए। गोसेवा में जनसहभागिता लेने की सलाह दी। गोसेवा अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि दाना बैंक, भूसा बैंक का प्रारंभ किया जाए। जिसमें लोगो को भूसा या अनाज देने के लिए प्रोत्साहित व जागरूक किया जाए। गोसेवा अध्यक्ष ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को कृत्रिम गर्भाधान या आधुनिक तकनीकी द्वारा गोसंवर्धन कर उन्नत देशी गोवंश के बछड़ियों को तैयार करने का निर्देश दिया। गोसेवा अध्यक्ष ने कहा कि लोगों को गोपालन हेतु प्रोत्साहित किया जाए। सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्राइवेट व्यक्तियों द्वारा गोपालन पर प्रति गाय 30 रुपये प्रति दिन की दर पर प्रोत्साहन राशि दिया जायेगा।
गोशालाओं में वृक्षारोपण किये जाने व चारागाह की व्यवस्था का निर्देश संबन्धित अधिकारियों को दिया। बैठक में जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश, मुख्य विकास अधिकारी अमनदीप डुली, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी यादवेन्द्र प्रताप, एसडीएम सदर नागेन्द्र नाथ यादव, एसडीएम उतरौला अरुण कुमार गौंड़, एसडीएम तुलसीपुर विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी गिरीश चन्द्र पाठक, डीसी मनरेगा महेन्द्र देव, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, समस्त पशु चिकित्सक व अन्य संबन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


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