अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा व अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में औद्योगिक सुरक्षा फोरम की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को संपन्न हुई। पुलिस अधीक्षक ने उपायुक्त उद्योग प्रोत्साहन केन्द्र रूपेश कुमार को निर्देशित करते हुये कहा कि जनपद के समस्त उद्योग बन्धुओं का डेटाबेस उपलब्ध कराये एवं पुराने डेटाबेस को अपडेट कराये। साथ ही रजिस्टर्ड एवं अनरजिस्टर्ड उद्योग बन्धुओं के पिन प्वाइंट स्थान जहां पर उद्योग लगाये गये है,
फोटोग्राफ्स सहित मोबाइल व्हा्ट्सअप नम्बर शीघ्र ही उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि यदि मैनपावर की कमी हो तो पुलिस विभाग से ले ले। उद्योग बन्धुओं की नई डेटाबेस की सूची एड्रेस सहित अतिशीघ्र ही उपलब्ध कराएं। जिससे उद्योग बन्धुओं को पुलिस सुरक्षा देने में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहे, उसे धरातल पर लायें, तभी उद्योंगों का विकास तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस लाइन में एक माडल शाॅप खोला जायेगा। यह माॅडल शाॅप अद्भुत होगा। इस माॅडल शाॅप में ब्राडेड समान की एक प्रतिशत लाभ पर विक्री की जायेगी। जिससे ग्राहकों को लाभ प्रदान किया जा सके।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने अरुण कुमार शुक्ल ने उपायुक्त उद्योग रूपेश कुमार को निर्देशित करते हुये कहा कि जनपद में उद्योगों का वेरीफिकेशन करवाये और उनकी गणना करें कि कितने रजिस्टर्ड एवं अन रिजस्टर्ड उद्योग है। साथ ही उन्होंने उद्योगों की मैनफैक्चिरिंग बढ़ाये जाने की बात कही। विद्युत विभाग को निर्देशित करते हुये कहा कि जनपद में उद्योग बन्धुओं व लोगों से प्रायः शिकायतें मिलती रहती है कि उनके विद्युत बिल निर्धारित बिल से कहीं ज्यादा आता है, इसलिये विद्युत विभाग के अधिकारी अपनी डेटा को सुधारें और इन शिकायतों का निस्तारण करें और भविष्य में ध्यान रखें कि इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। यदि ऐसे संज्ञान में आया तो एफआईआर दर्ज कराकर कार्यवाही की जायेगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि ‘‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओ0डी0ओ0पी0) योजना उत्तर प्रदेश सरकार की रोजगारपरक महत्वाकांक्षी योजना है।
इसके तहत जनपद के चिन्हित विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ही परम्परागत उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 250 करोड़ रुपये के बजट का भी प्राविधान किया है।उन्होंने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 योजना के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद स्तर पर रोजगार का सृजन करके लोगों को स्वावलम्बी बनाया जाय। निश्चित ही सरकार की प्रभावी पहल से यह योजना छोटे-छोटे उद्यमियों के लिए उनका व्यवसाय बढ़ाने और आय में वृद्धि करने में काफी सहायक साबित हो रही है। साथ ही इस योजना से जनपद के विशिष्ट उत्पाद वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल होंगे।
बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग एवं प्रोत्साहन केन्द्र रूपेश कुमार ने बताया कि विद्युत भार स्वीकृति में इस माह मे0 कुमार मसाला उद्योग ई-2 ई-3 औद्योगिक आस्थान प्रो0 उमेश चन्द्र उद्योग बेसन आटा पिसाई हेतु 70 हार्स पावर अतिरिक्त हेतु एक आवेदन किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना वर्ष 2019-20 हेतु इस योजना में जनपद का लक्ष्य 100 व मार्जिन मनी रु0 97 लाख प्राप्त हुआ है। इसके तहत माह जुलाई में 41 लाभार्थियों का चयन किया है। प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम योजना के तहत वित्तीय वर्ष में उद्योग निदेशालय से 27 लक्ष्य प्राप्त हुये है, जिसमें शहरी में कुल 20 एवं ग्रामीण क्षेत्र में कुल में कुल 17 भौतिक लक्ष्य तथा रु0 111 लाख वित्तीय लक्ष्य निर्धारित है।
जिसका सीडीओं महोदय की द्वारा चयन कर आवेदन पत्र विभिन्न बैंकों को भेज दिया गया है। एक मेज व्यवस्था के अन्तर्गत माह जुलाई, 2019 तक कुल 67 इकाईयों का उद्योग आधार पंजीकरण विभिन्न उद्यमों में हो चुका है। एक जनपद एक उत्पाद के तहत 15 भौतिक लक्ष्य व वित्तीय लक्ष्य/मार्जिन मनी के रूप में रु0 75 लाख प्राप्त हुआ है। एक जनपद एक उत्पाद योजना का साक्षात्कार दिनांक 17 जुलाई, 2019 को कराया गया, जिसमें 31 लाभार्थियों का चयन किया गया है, जिनकी पत्रावलियां विभिन्न बैंकों के शाखाओं को भेजी जा चुकी है। इस अवसर पर जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आरसी प्रसाद, सेलटेक्स त्रिलोकी प्रसाद दुबे, रियाज अहमद, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी राजमंगल सिंह, आर0 के0 विश्नोई जिला अग्रणी प्रबन्धक, इलाहाबाद बैंक, अधिशासी अभि0 विद्युत योगेश कुमार सिंह व उद्योग बन्धु व्यापारी व अन्य लोग उपस्थित रहे।


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