अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। सशस्त्र सीमा बल 50वी वाहिनी के बलरामपुर मुख्यालय परिसर में सोमवार को जल सरंक्षण दिवस मनाया गया। भारत नेपाल सीमा पर तैनात 50 वीं वाहिनी के सभी सीमा चौकियों पर भी जल संरक्षण दिवस मनाया गया । बल के जवानों ने ग्रामीण महिला और पुरुषों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान रैली निकाल कर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया तथा वृक्षारोपण करके जल संरक्षित करने का संदेश दिया ।
एसएसबी मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाहिनी की सभी सीमा चौकियों पर इस कार्यक्रम को मानाया गया और सीमावर्ती इलाके के लोगों को भविष्य के लिए पानी बचाने और पौधा लगाने का सन्देश दिया गया । सभी सीमा चौकी डेहरवा, नारीहवा, कन्चनपुर , त्रिलोकपुर, बढ़नी तथा सीमा चौकी महादेव बुजुर्ग के एसएसबी अधिकारियोंं व जवानो ने स्थानीय पुलिस,और स्थानीय लोगों तथा स्कूल के बच्चों के साथ मिलकर रेली भी निकाली ।
सभी सीमा चौकियों के कमान्डरों ने स्थानीय लोगों और सभी जवानों के साथ जल सचंय प्रतिज्ञा भी लिया कि "मै शपथ लेता हूँ कि मै , जल का समुचित उपयोग करते हुए इसका सचंय करूँगा, मैं यह प्रतिज्ञा लेता हूँ कि मैं जल का एक भी बूंद बर्बाद नहीं करूँगा तथा जल बहूमूल्य मानकर इसका उपयोग करूंगा, मैं प्रतिज्ञा यह भी करता हूँ कि मैं अपने परिवार, मित्रगण एवं आस-पड़ोस को जल के समुचित उपयोग एवं इसकी बर्बादी रोकने के लिए प्रेरित करूँगा।" उपस्थित सभी लोगों को यह प्रतिज्ञा दिलाई गई ।
50वी वाहिनी के कार्यवाहक कमाडेंट ब्रजेश सिंह प्रतिहार ने बताया कि यह कार्यक्रम हमं बल मुख्यालय के दिशानिर्देश के अनुसार मना रहे हैं। वाहिनी मुख्यालय मे भी बलकार्मिक और उनकी फेमिलीयों के द्वारा यह शपथ भी ली गई और वाहिनी के प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया गया। दण्डपाल घनश्याम सिहं सहायक कमाडेंट संचार ने कहा कि वास्तव में पृथ्वी पर समुद्र का पानी जो 97%खारा पानी है । केवल 1% पानी है जो हमारे लिए उपयोगी है वहीं 2%पानी ग्लेशियर और ध्रुवीय आईसकैम्प के रूप में है। बरसात के मौसम में वर्षा के पानी का संरक्षण करना चाहिए। इसके लिए टैकों, तलाबों, चैक बाँध जैसे जलकोषो का प्रयोग कर सकते हैं ।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ