अमरजीत सिंह
अयोध्या।रामजन्मभूमि आन्दोलन के स्वामी परमहंस दास जी ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित किया जिसमें उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज सामाजिक समन्वय की प्रतीक,सहृदयी जनकल्याणकारी प्रखर वक्ता और उदार चरित्र की धनी थी।
उनके निधन से भारतीय राजनीत मे शून्यता आ गयी।वह सदैव संघ परिवार के लिए चिरस्मरणीय बनी रहेंगी। विश्व हिन्दू परिषद और श्रीराम जन्म भूमि न्यास ऐसे सर्वमान्य कर्तव्य परायण नेत्री को नमन करते हुए अपनी श्रद्धानिवेदित करती है। श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष और मणिराम दास छावनी महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने सुषमा स्वराज के निधन को राष्ट्रीय क्षति बताते हुये कहा वास्तव मे वह एक सर्वमान्य कर्तव्य परायण नारी के साथ लोकहितकारी नेत्री थीं।उनसे कई बार विभिन्न अवसरों पर भेंट होती रही है।वह संतो के प्रति निष्ठावान और सामाजिक समस्याओ के निराकरण हेतु सजग रही।ईश्वर उन्हे अपने चरणों सदगति प्रदान करे।
विहिप केन्द्रीयसलाहकार सदस्य पुरूषोत्तम नारायण सिंह ने भाजपा नेत्री पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुये कहा कि वह भावुक और प्रखर चरित्र के साथ ही सामाजिक जीवन मूल्यों के प्रति निष्ठावान जागरूक महिला थी।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवार मे भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता नेता तो थी हीं सही माने मे वह भारतीय संस्कृतिऔर परम्पराओ की रक्षण करनेवाली भारत माता के दिव्य मंदिर की पुजारन थी। ऐसी कार्यकर्ता का विक्षोभ हम सभी के बीच सदैव बना रहेगा।
विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने निधन को सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षति बताया और स्मरण करते हुये बताया कि अयोध्या मे दो बार मिलने और बातचीत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।एकबार आडवाणी जी के साथ जब वह कारसेवकपुरम् मे आई तो आदरणीय स्व अशोक सिंहल जी ने पूरी आत्मीयता के साथ मुझ जैसे कार्यकर्ता का परिचय कराया तो उन्हो भी पूर्णतया सम्मान देने के साथ-साथ अयोध्या के मठ- मंदिरों संत धर्माचार्यों की परम्पराओं की जानकारी ली और सेवा भाव से लगे रहने को कहा।वास्तव मे वह मृदुलता से परिपूर्ण और प्रखरता से भरी नेत्री थीं।ऐसे विद्वान और लोकतंत्र के रक्षार्थ समर्पित कार्यकर्ता का असमय निधन सभी के लिए पीड़ा दाई है।


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