शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ | पूर्ण बहुमत वाली भारतीय जनता पार्टी की एनडीए सरकार ने कश्मीर में लागू धारा 370 और 35 ए को 5 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी और संसद के दोनों सदनों की आवश्यक सभी कार्यवाही को पूरा करते हुए निरस्त कर एक देश एक संविधान की उस परिकल्पना को साकार किया जिसके लिए स्वर्गीय श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया था |
उक्त बातें भाजपा जिला कार्यालय पर शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष हरिओम मिश्र ने कहा उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर ने सतत साधना से संविधान की रचना की और उसमें 370 की धारा को निहित करने का विरोध किया और इसे देश के लिए हानिकारक बताया था परंतु तत्कालीन राजनीतिक परिदृश्य और नेहरू की कूटनीति का दंश जम्मू और कश्मीर को दशकों तक सहन करना पड़ा | उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया |
जिला अध्यक्ष हरिओम मिश्र ने कहा कि धारा 370 के तहत संसद को जम्मू और कश्मीर में रक्षा विदेश संचार आदि विषयों पर ही कानून बनाने का अधिकार था अन्य विषयों पर राज्य की विधानसभा का अनुमोदन आवश्यक था जम्मू और कश्मीर का पृथक संविधान है जिसमें दोहरी नागरिकता विधानसभा का 6 वर्षीय कार्यकाल पंचायती राज संस्थाओं की अनुपस्थिति उच्च न्यायालय द्वारा जम्मू-कश्मीर न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध अपील की स्वीकृत ना होना भारत का अभिन्न अंग होने के बाद भी कश्मीर को भारत से अलग करता था |सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के बाद इसका स्वागत भाजपा समर्थक ही नहीं सभी राष्ट्रभक्त जनता ने स्वागत किया और मोदी सरकार की सराहना की |
इसके पूर्व जिला महामंत्री अशोक मिश्रा के संयोजन में धारा 370 और 35 ए के इतिहास उसकी समीक्षा और निरस्त होने के बाद देश की एकता अखंडता और सार्वभौमिक पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव के संबंध में गोष्टी का आयोजन जिला अध्यक्ष हरिओम मिश्र की अध्यक्षता में की गई | इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री शंकर गिरी सहित आदि ने अपने अपने विचार रख कार्यकर्ताओं को देश के राष्ट्र के संविधान से अखंडतावादी संविधान की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी | इस मौके पर जिला महामंत्री राजेश सिंह ,राय साहब सिंह ,शिव प्रकाश मिश्रा सेनानी ,गोकुल नाथ श्रीवास्तव, राघवेंद्र नाथ शुक्ला ,रवि गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह ,कुसुम लता सिंह, संजय सिंह ,ज्ञानेश मिश्रा ,अजय भारती ,हिमांशु सिंह आदि लोग मौजूद रहे |

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