अमरजीत सिंह
अयोध्या। हाथों में तिरंगा लिए दर्जनो मुश्लिम रामलला के निर्माण को लेकर मैदान में उतरे और भारत माता की जय के नारे के साथ राम मंदिर निर्माण कार्यशाला पहुंचे और राममंदिर निर्माण के लिए तराशकर रखे पत्थरो की सफाई शुरू कर दिया। अयोध्या की इन तस्वीरों को देश और विदेश के लोगों को गौर से देखना चाहिए।खासतौर पर उन लोगों को जो अयोध्या विवाद को हिंदू मुस्लिम से जोड़कर देखते हैं और मुस्लिमों को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाते हैं।
ऐसे लोगों को अयोध्या के मुस्लिमों ने ही आइना दिखा दिया है। हाथ में तिरंगा लिए भारत माता और रामलला के जयकारे लगाते दर्जनों मुस्लिम राम जन्मभूमि कार्यशाला पहुंचे और इन लोगों ने रामजन्मभूमि कार्यशाला में रखे राम मंदिर निर्माण के पत्थरों की साफ सफाई शुरू कर कर दी। तब तक यह खबर अयोध्या के साधु संतों को भी पता लग गई थी और अयोध्या के कुछ संत भी कार्यशाला पहुंच गए और मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ मिलकर राम मंदिर के तराशे गए पत्थरों की साफ सफाई में जुड़ गए। मंदिर का निर्माण हो देश का विकास हो, रामलला के सम्मान में मुस्लिम हैं मैदान में नारे के साथ राम मंदिर निर्माण कार्यशाला पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने यह साफ कर दिया कि अयोध्या में हिंदू मुसलमान सब साथ हैं और वह भगवान राम को अपना पैगंबर मानते हैं और राम मंदिर निर्माण की इच्छा रखते हैं इसीलिए वह राम मंदिर निर्माण के समय कारसेवा भी करेंगे।मोहम्मद अनीस उर्फ बबलू खान,मोहम्मद आफाक व अशफाक अहमद दर्जनों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों के राम जन्मभूमि निर्माण कार्यशाला पहुंचने की खबर सुनकर अयोध्या की कुछ संत महंत भी पहुंच गए और मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों की साफ सफाई करते देख वह भी उनके साथ सफाई में जुट गए।
वही विश्व हिंदू परिषद ने मुस्लिम भाइयों द्वारा राम मंदिर निर्माण के पत्थरों की साफ सफाई का स्वागत किया है और इसे बड़ा कदम बताया है। हालांकि उन्होंने यह साफ कर दिया कि तराशे गए पत्थरों की साफ सफाई के लिए प्रशिक्षित कारीगरों की आवश्यकता है और प्रशिक्षित कारीगर ही इसकी सफाई करें तो बेहतर होगा।



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