अमरजीत सिंह
अयोध्या । रूदौली विकास खंड क्षेत्र के अधिकारियों की ग्राम प्रधान की मिलीभगत से सरकार की स्वच्छता मिशन के तहत बने शौचालय भ्रष्टाचार की भेट चढने से आज भी स्थानीय ग्रामीण खुले मैदान मे शौच करने पर विवश है। बताया जाता है सोहावल एव रूदौली विकास खंड के कई ग्राम प्रधान पर स्थानीय विधायक का संरक्षण होने के कारण केंद्र सरकार की बहुचर्चित स्वच्छता मिशन योजना के तहत विकास खंड मे शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रूपये की पात्रों को मिलने वाली धनराशि का लाभ पात्रों को देने के बदले ग्राम प्रधानो ने स्थानीय विकास खंड अधिकारी की मिली भगत से स्वयं निर्माण कार्य का जिम्मा लिया।जिसके तहत सोहावल विकास खंड क्षेत्र कोटडीह सरैया, सीबार रूदौली क्षेत्र राम शरन दास का पुरवा मे ठेकेदारों द्वारा ग्राम प्रधान ने सभी मानकों को तिलांजली देते हुए मनमानी ढंग से निर्माण कराकर सरकारी खाते मे गिनती पूरी कर ली।
रामसरन दास का पुरवा निवासी भगवान जियावन पुत्र सालिक राम जिया लाल पुत्र सोहन लाल कृष्ण प्रसाद राम कुमार पुत्र गण मुन्ना लाल ने बताया कि कई बिना गड्ढा खोदे ही शौचालय का मानक के विपरीत कमरे का निर्माण घटिया दरवाजा शौच सीट लगाकर खाना पूर्ति कर कागजी खाना पूर्ति कर विकास खंड ने ओडीएफ तो घोषित कर दिया गया।लेकिन आज भी अधूरा एव घटिया निर्माण होने की वजह से बेकार साबित हो रहा है।कोटडीह सरैया सीबार ग्राम सभा की भी समस्या इससे इतर नही है।ग्रामीणों के अनुसार ग्राम प्रधान द्वारा ठेकेदार से शौचालय का निर्माण करते ही महज एक माह मे शीट दरवाजे तथा छत टूट गयी जिससे खुले शौच से मुक्ति तो नही मिली लेकिन लकडी कंडा रखने के काम जरूर आ रहा है।
इस बाबत मे सर्वे करने पर शासन द्वारा सुविधा के लिए मिलने वाले धन राशि से अधिकतर पात्र अनभिज्ञ पाए गये।हालांकि इस बाबत मे दोनो विकास खड अधिकारी निर्माण कार्य मे भ्रष्टाचार होने की बात एक सिरे से इंकार करते है।लेकिन ओडीएफ घोषित होने के बाद भी शौचालय मे लकडी कंडा रखने तथा गाव मे शौचालय कागजों मे बने होने के बाद भी खुले मैदान मे शौच क्यो जा रहे है के बारे मे कोई जबाब देने की स्थिति मे नही दिखाई दिये।


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