ए. आर. उस्मानी
लखनऊ। शतार्धिक मनीषी सम्मान एवं हिंदी कश्मीरी संगम की डॉ. बीना बूंदकी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी कोलकाता में साहित्य में बांग्ला साहित्कारों का योगदान/ठाकुर रविंद्रनाथ टैगोर का कृतित्व और व्यकित्व पर आलेख प्रस्तुत करने के लिए आगरा की सोशल एक्टिविस्ट और जानी-मानी साहित्यकार डॉ. रचना सिंह रश्मि को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने ललेश्वरी मनीषी सम्मान से सम्मानित किया।
इससे पूर्व डॉक्टर रचना सिंह 50 से अधिक सम्मान से सम्मानित की जा चुकी हैं। इसमें 3 अंतरराष्ट्रीय, तीन राज्यपाल तथा हिंदी निदेशालय सहित अलग अलग राज्यों से मिले सम्मान शामिल हैं। अब तक 1000 से ज्यादा आलेख, कहानी, लघुकथा, हाइकु, क्षणिका, तुकांत, अतुंकात, गीत आदि लिखे हैं।
इसमें मुंबई से राजमाता प्रकोष्ठ की अध्यक्षा आशा आई, डॉ. कुसुम खेमानी अध्यक्ष भारतीय भाषा परिषद कोलकाता, दिनेश कुमार बरोत प्राचार्य वड़ोदरा, रोहित कुमार ओएनजीसी निदेशक बड़ोदरा, प्रभाकर चतुर्वेदी, डॉ. अमृता चतुर्वेदी दूरदर्शन कोलकाता, जास्मीन जोरहाट रांची, डॉ. बीना श्रीवास्तव, डॉ. गीता शर्मा रायपुर, डॉ. सच्ची कक्कड़ दिल्ली मुख्य वक्ता रहे। कुल 125 लोगों को शतार्धिक सम्मान से सम्मानित किया गया।


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