आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। धनघटा थाना के एक गांव की निवासी ने प्रार्थना पत्र दिया था कि दिनांक 28 जून 19 को उसकी नाबालिग लड़की घर पर अकेली थी कि दिन में करीब ढाई बजे दो लोगों ने उनके घर में आकर बारी-बारी से उनकी नाबलिक लड़की के साथ दुष्कर्म किया। लड़की ने विरोध करने पर दोनों लोगों ने उनकी लड़की को मारा पीटा तथा जाते-जाते घर में से मंगलसूत्र, अंगूठी तथा ₹45000 भी लेकर चले गए। मामले में थाना धनघटा में मुकदमा पंजीकृत हुआ। अभियुक्त अमित यादव की तरफ से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत अर्जी दी गई तथा तर्क दिया गया कि जमीनी विवाद को लेकर फर्जी तरीके से उसे फंसा दिया गया है। राज्य की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने जमानत अर्जी का विरोध किया और तर्क दिया की एक नाबालिक लड़की के साथ जघन्य कृत्य किया गया है। पीड़िता ने अपने बयान मैं भी दुष्कर्म की बात कही है जिसके आधार पर जमानत निरस्त किया जाए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश पांडेय ने पत्रावली के अवलोकन एवं बहस के बाद अभियुक्त अमित यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दिए।

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