■ बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे आवास वासी
आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। इन दिनों विद्युत विभाग की लड़ाई व्यवस्था से जहां पूरा जनपद तरह-तरह कर रहा है वही विभाग भी लापरवाह बना हुआ है ना तो उपभोक्ताओं की चिंता है और ना ही कड़ाके की गर्म को देखकर विभाग का दिल पसीज रहा है।
कांशीराम आवास के वासियों को इन दिनों विद्युत विभाग की घोर लापरवाही से तंग आकर आवास वासी अब बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने के मूड में दिख रहे हैं। आवास वासियों का कहना है कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं और विद्युत सप्लाई की व्यवस्था कुछ संविदा कर्मियों के सहारे चल रहा है जो मन मर्जी के हिसाब से विद्युत सप्लाई कर रहे हैं। एक घंटे में लगभग 10 बार बिजली कटौती की जा रही है जिससे आवास वासी तंग आ चुके हैं। काशीराम आवास के निवासी प्रदीप, अखिलेश कुमार, दिनेश कुमार, संदीप कनोजिया, मनीराम, दुलारी देवी, सुनीता, प्रमिला आदि लोगों ने बताया कि हम सभी विद्युत उपभोक्ता हैं और हमारे साथ विभाग भद्दा मजाक कर रहा इतना ही नहीं एक घंटे में 10 बार विद्युत सप्लाई को बंद करके प्रत्येक ब्लाकों में संविदा कर्मी आकर उपभोक्ताओं का विद्युत कनेक्शन काटने और जोड़ने का काम कर रहे हैं विद्युत सप्लाई संविदा कर्मियों द्वारा इसलिए काट दिया जाता है कि उन्हें कमाई करनी होती है वह इसलिए कनेक्शन काट देते हैं और जब उपभोक्ता परेशान होता है तो कनेक्शन जुड़वाने के लिए मुंह मांगी कीमत मांगते हैं मजबूरन उपभोक्ता इनका शिकार हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका द्वारा तैनात कर्मी ने आवास वासियों के साथ अपना अलग कारनामा जमाए हुए हैं अपनी मर्जी के हिसाब से वाटर सप्लाई चालू करना और बंद करना का दिनचर्या बना चुके हैं जिससे आवास वासी बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। आवास वासियों का कहना है कि पूर्व में लगाए गए हैंडपंपों के द्वारा दूषित पानी आता है मजबूरी में दूषित पानी पीने को मजबूर है। लेकिन जिम्मेदार लगातार कोताही बरत रहे हैं। अगर कभी कदार तैनात कर्मी वाटर सप्लाई चालू भी करते हैं तो प्रथम व द्वितीय मंजिल तक ही पानी पहुंच पाता है वह भी 20 से 25 मिनट में ही बंद हो जाता है तीसरी मंजिल पर रहने वाले आवास वासी पानी के लिए बेहद किल्लत झेल रहे हैं जिससे उन्हें बेहद समस्याएं हो रही हैं। विभागों की लापरवाही से आवास वासी तंग आ चुके हैं और अब अधिकारियों के कार्यालय का घेराव करने का मूड बना लिए हैं। आवास वासियों का कहना है कि यदि समस्या जल्द से जल्द निदान नहीं कराया गया तो वह प्रदर्शन करने पर बाध्य हो जाएंगे। फिलहाल अब देखने वाली बात तो यह है कि दोनों जिम्मेदार विभागों के अधिकारी कब आवास वासी की समस्याओं को संज्ञान लेकर समस्या का निदान कराते हैं।

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