वासुदेव यादव
अयोध्या। भाजपा के राज्य सभा सदस्य डॉ0 सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट भी आदेश देते समय यह देखेगा कि कौन सा ऐसा आदेश होगा जो सरकार, देश व जनता मानेगा और अन्यायपूर्ण नहीं होगा। यह तीनों बातें हमारे पास है।
हिंदुओं का मूलभूत अधिकार मुसलमान की संपत्ति के अधिकार के ऊपर है: सुब्रमण्यन स्वामी
भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रैंड नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी 80वें जन्मदिन पर राम नगरी अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए
उन्होंने कहा कि अब श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, राम मंदिर नवंबर के बाद बनना शुरू हो जाएगा।
हिंदुओं का मूलभूत अधिकार मुसलमान की संपत्ति के अधिकार के ऊपर है। इसलिए जो संपत्ति के अधिकार की बात करेगा उसे कोर्ट ठुकरा देगा।
वक़्त नहीं है? अयोध्या भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रैंड नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने अपने 80वें जन्मदिन के मौके पर अयोध्या पहुंचकर रामलला का दर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नवंबर के बाद श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। स्वामी ने दावा किया कि राम मंदिर नवंबर महीने के बाद बनना शुरू हो जाएगा। राज्यसभा सांसद ने कहा कि हिंदुओं का मूलभूत अधिकार मुसलमान की संपत्ति के अधिकार के ऊपर है, इसलिए जो भी संपत्ति के अधिकार की बात करेगा उसे सर्वोच्च न्यायालय ठुकरा देगा। रामलला के दर्शन करने के बाद स्वामी शहर के प्रमोद वन स्थित कांची कामकोटि मंदिर की शाखा में गए और वहां पर धार्मिक अनुष्ठान हवन यज्ञ किया। पण्डित अशोक वैदिक ने अनुष्ठान करवाये। इससे पूर्व उनके अयोध्या आगमन पर जिला अम्बेडकर के पूर्व विधायक पवन पांडेय, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष निशेन्द्र मोहन मिश्र गुड्डू भईया व भाजपा के अन्य नेताओं ने उनका स्वागत सम्मान किये।
'एक बार मंदिर बन गया, उसे वहां से कौन हटा सकता है?'
स्वामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी आदेश देते समय यह देखेगा कि कौन सा ऐसा आदेश होगा जो सरकार, देश मानेगा और अन्यायपूर्ण नहीं होगा। ये तीनों बातें हमारे पास है। एक बार मंदिर बन गया है, उसे वहां से कौन हटा सकता है? उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्र में अधिकांश जमीन सरकार के पास है। उसका राष्ट्रीयकरण करके रखा गया है।
केंद्र सरकार गैर विवादित जमीन को मंदिर के निर्माण के लिए न्यास को सौंप कर मंदिर का निर्माण शुरू करवा सकती है पर हम कोर्ट का सम्मान करने के साथ ही इसके फैसले पर पूरा भरोसा करते है।
सुब्रमण्यन स्वामी ने बताया, 'सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अधिग्रहित जमीन पर सरकार का अधिकार है। हालांकि सरकार ने पहले से ही कहा है कि फैसला आने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।' इससे पहले शनिवार को स्वामी ने कहा था कि हम जब चाहें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू कर सकते हैं। विवाद तो केवल 0.3 एकड़ जमीन का है, बाकी 67.4 एकड़ का क्षेत्र अविवादित है, जिस पर मंदिर का निर्माण किया जा सकता है।
'इसलिए कोर्ट के फैसले का इंतजार'
स्वामी ने कहा कि इस अविवादित क्षेत्र को केंद्र सरकार के कब्जे में ले लिया गया है। ऐसे में जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं बीच के गुंबद का क्षेत्र विवादित है। केंद्र सरकार गैर विवादित जमीन को मंदिर के निर्माण के लिए न्यास को सौंप कर मंदिर का निर्माण शुरू करवा सकती है पर हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करने के साथ ही इसके फैसले पर पूरा भरोसा करते है। इसलिए कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। इस दौरान स्वामी के समर्थक काफी संख्या में शामिल रहे। स्वामी ने अयोध्या में दर्शन पूजन किये मानस भवन में सन्तो महंतो का स्वागत सम्मान कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किये।


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