शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ | पूर्व मंत्री और जिले की सियासत में अहम भूमिका निभाने वाले राजा भइया के पिता उदय प्रताप सिंह जी को नज़र बन्द किये जाने तथा उनके ऊपर लगाए गए मुकदमों की महंत बजरंगमुनि उदासीन ने कटु शब्दों में निंदा की है। उन्होंने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से यह अनुरोध किया है कि वे उनके ऊपर लगाए गए मुकदमों को यथाशीघ्र वापस ले लें। महन्त जी ने कहा कि इस प्रकार का व्यवहार किसी एक धार्मिक पक्ष की अवहेलना करके दूसरे धार्मिक पक्ष को सन्तुष्ट करने के प्रयास जैसा लग रहा है जो बिल्कुल भी उचित नहीं है।भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है यहाँ पर किसी को भी अपने धर्म का प्रचार प्रसार करने की पूर्ण अनुमति है। उन्होंने कहा कि कुण्डा का मंदिर स्वायत्त है और वहाँ विगत 2014 से एक नियत तारिख पर भण्डारे का आयोजन किया जाता रहा है,तो अचानक से रोक लगाना बिल्कुल भी उचित प्रतीत नहीं होता। पूर्ववर्ती सरकारों में भी यह भंडरा किया जाता रहा है। प्रशासन एक समय में दो अलग अलग त्योहार क्यों नही सम्पन्न करा पा रहा है।अतः जिला प्रशासन से यह अनुरोध है कि नज़रबन्द तक तो ठीक था किंतु राजा उदय प्रताप सिंह पर लगाए गए मुकदमे वापस लिए जाएं अन्यथा लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रहेगी।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ