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संगीतकार के रूप में बगावत फिल्म में दिखेगा रवि का जादू


सूबे की राजधानी में वैदिक मंत्रोच्चारण के मुहूर्त के बाद शुरू हुई शूटिंग
शिवेश शुक्ल 
प्रतापगढ । जिले के रहने वाले आवाज के जादूगर पार्श्व गायक रवि त्रिपाठी अब संगीतकार के रूप में "बगावत" फिल्म में अपनी आवाज दे रहे हैं । इसका मुहूर्त सूबे की राजधानी लखनऊ में शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुरू किया गया ।
 सूबे की राजधानी लखनऊ शहर के कई इलाकों में  हिंदी फिल्म "बगावत" की शूटिंग  शुरू हो गई है। फिल्म में अभिनय रजनीश दुग्गल कर रहे हैं ।इस फिल्म का सूबे की राजधानी में विधि विधान से  वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मुहूर्त  के उपरांत शूटिंग शुरू की गई।
इस फिल्म में  संगीतकार के रूप में अपने आवाज का जादू देश विदेशों में बिखेरने वाले बेल्हा के माटी के लाल पार्श्वगायक रवि त्रिपाठी हैं , जिन्होंने गत दिवस पदम श्री मालिनी अवस्थी जी की आवाज में रेकोर्ड किया और दूसरा गीत स्वयं रवि त्रिपाठी ने गाया है , इस फिल्म के गीतकार शिव जी हैं और रजनीश दुग्गल कि उक्त फिल्म के लिए प्रोड्यूसर नितिन मिश्रा व निर्देशक संजीव जायसवाल की मौजूदगी में संगीत दिया । फिल्म के संगीतकार पार्श्व गायक रवि त्रिपाठी से "विराट दूत" के संवाददाता से हुई  बातचीत में श्री त्रिपाठी  बताते हैं कि यह हिंदी फिल्म में अवधी भाषाओं का संगीत के रूप में प्रस्तुत करने का बेहद अवसर प्राप्त हुआ है ।यह फिल्म सामाजिक है ,जिसकी शूटिंग शनिवार से लखनऊ में शुरू कर दी गई है । रजनीश दुग्गल ने इसके पहले भी कई फिल्में कर चुके हैं जिनमें से प्रमुख रुप से1920 ,साँसे,बेईमान इश्क़,लाइफ़ में कभी कभी आदि शामिल हैं । ग्लैमर की चकाचौंध से सराबोर फिल्मी दुनिया की निगाहें कभी सिर्फ बड़े-बड़े शहरों पर ही आ टिकती थीं। लेकिन बदलते वक्त व बदलते ट्रेंड के चलते फिल्मकारों को नवाबों की नगरी अपनी ओर तेजी से आकर्षित कर रही है। फिल्मकार अभी तक अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए मुम्बई और दिल्ली जैसी जगहों को तरजीह देते थे, वे अब लखनऊ की ओर रुख करने लगे हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर नितिन मिश्रा व निर्देशक संजीव जायसवाल ने भी अपनी फिल्म बगावत का शुरुआत नवाबों के शहर लखनऊ से कर रहे हैं । बता दे कि फिल्म के संगीतकार पार्श्वगायक रवि त्रिपाठी ने अपने जिले के स्मृति शेष अवधी कवि /साहित्यकारों की रचनाओं को अपने संगीत में पिरो कर सजोने  का कार्य किया है,जिसमें प्रमुख रूप से जमुई खॉ आजाद और उन्मत्त जी के रचना शामिल है | जमुई खॉ आजाद की रचना  "कथरी" पर जो संगीत दिया है  उसे सुनकर हर कोई  बार-बार सुनने को इच्छुक होता है और श्री रवि त्रिपाठी के संगीत का चहु ओर डंका बज रहा है ।अवधी भाषा की यह संगीत एक मिसाल कायम किया है ।वही कवि आद्याप्रसाद मिश्र "उन्मत्त" जी की रचना - अहै के मोर तोहरे सिवाई मइया पर संगीत देकर प्रतापगढ़ वासियों के लिए जहां सौगात दी है । रवि त्रिपाठी ने अवधी की रचनाएं अपने संगीत में पिरोने के साथ ही सजाने का जो बीड़ा उठाया है,जो वास्तव में काबिले तारीफ है । ज्ञातव्य हो कि रवि के त्रिपाठी एक प्रख्यात भारतीय पार्श्वगायक, संगीतकार, संगीत निर्देशक, अभिनेता व टेलीविजन मेज़बान हैं। इन्हें सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के रियालिटी शो इंडियन आइडल (सीजन २) से ख्याति मिलने के बाद से नित्य प्रतिदिन नए नए उपलब्धियां हासिल करते हुए ख्याति हासिल कर रहे हैं । उन्होंनें दूरदर्शन के क्लोज-अप-परफॉर्मर जैसे कार्यक्रम की मेज़बानी की हैं।

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