वेदव्यास त्रिपाठी
प्रतापगढ़: पंचायत भवन रामपुर बेला में बाल व महिला चेतना समिति के द्वारा कोटपा एक्ट व तंबाकू नियंत्रण पर एक क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें महिला एवं बाल संगठन नई दिल्ली की प्रोग्राम मैनेजर हुदा सैय्यद ने कहा कि युवाओं में तम्बाकू का चलन बहुत तेजी से फ़ैल रहा है,
जिसे रोकने के लिए वर्तमान कोटपा कानून में बदलाव की जरुरत है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें तम्बाकू नहीं, जिंदगी चुनने की जरुरत है.
सुश्री हुदा ने कहा कि तम्बाकू सेवन से शारीरिक, आर्थिक और मानसिक तीनों तरह के नुकसान है, जिससे बचने में ही भलाई है.
इस अवसर पर प्रशिक्षक नसीम अंसारी ने कोटपा एक्ट पर पीपीटी प्रेजेंटेशन दिया. अपने प्रस्तुतीकरण में श्री अंसारी ने बताया कि युवाओं में तंबाकू की आदत कैंसर को दावत देने जैसा है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं में तंबाकू व नशे की आदत बहुत तेजी से फैल रही है, जिससे समय रहते युवाओं को जागरूक करना होगा अन्यथा कैंसर जैसी भयानक बीमारी की चपेट में आ जाने के बाद पछताना होगा।
श्री अंसारी ने प्रस्तावित कोटपा एक्ट संशोधन 2020 को प्रभावी बनाने की अपील की.
इस अवसर पर सह प्रशिक्षक संतोष चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान कोटपा एक्ट के प्रावधान बहुत ही लचीले हैं, जिसमें संशोधन करने की आवश्यकता है.
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि तम्बाकू मुक्त युवा होने पर जीवन स्वस्थ्य वा सुन्दर रहेगा इन जानलेवा तम्बाकू पदार्थो पर कर बढाने की भी बात कही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष धूम्रपान पर भी बिस्तार से चर्चा किया युवाओं से तंबाकू के दुष्प्रभाव पर चर्चा करते हुए एक्ट के उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान एवं जुर्माना राशि बढाने के साथ- साथ दूरदर्शन /खुले स्थानो पर प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता जताई |
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों से सरकार द्वारा प्रस्तावित कोटपा कानून के संशोधन 2020 पर चर्चा करते हुए राय ली गयी, जिसके उपरांत सभी ने इसे संसद के पटल पर रखने व सजा के प्रावधानों को बढ़ाने की अपील करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री व प्रधानमंत्री को अनुरोध-पत्र लिखने का निर्णय लिया.
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में 36 महिला किसानों सहित कुल 43 लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम के आखिर में उपस्थित लोगों ने तंबाकू मुक्त जीवन जीने की शपथ ली.
इस अवसर पर उपस्थित ग्राम प्रधान बलिकरन सरोज, गार्गी पटेल, सावित्री देवी व भीष्म प्रताप आदि लोगों ने भी अपने अपने विचार रखें।




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