वेदव्यास त्रिपाठी
खबर प्रतापगढ़ से है जहां गड़वारा से पुर्व विधायक रहे बृजेश मिश्र सौरभ ने अंततोगत्वा सपा से किनारा कर लिया।
नगर स्थित होटल में प्रेसवार्ता में उन्होंने सपा छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि मेरा स्वभाव सपा के राजनैतिक व्यवहार से नहीं मिलता आठ माह पूर्व हमने सपा की सदस्यता लेकर गलत निर्णय लिया था।
ज्ञातव्य हो कि करीब आठ माह पूर्व उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ऐनवक्त पहले बृजेश सौरभ सदर क्षेत्र से टिकट की लालच में भाजपा को छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे।
बृजेश सौरभ के इस फैसले से उनके बहुत से समर्थक भी नाराज हो गए थे। इतना ही नहीं सपा में जाने से पहले बृजेश सौरभ ने भाजपा में रहते हुए भी जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नामकरण डॉ सोनेलाल पटेल के नाम होने का जबर्दस्त विरोध किया था।
किंतु ऐन चुनाव के वक्त वो सपा में शामिल हो गए और जिस सोनेलाल पटेल के नाम का विरोध किया था उन्हीं की पत्नी कृष्णा पटेल को सपा ने गठबंधन के तहत सदर क्षेत्र से टिकट दे दिया था और बृजेश सौरभ को अपनी आत्मा को मारकर कृष्णा पटेल को राजमाता कहते हुए घर घर जाकर प्रचार करना पड़ा।
बाद में विधानसभा चुनाव परिणाम आने पर कृष्णा पटेल को हार का मुंह देखना पड़ा और सदर क्षेत्र से भाजपा के राजेन्द्र मौर्य भारी मतों से चुनाव जीत गए।
इधर बृजेश सौरभ लगभग आठ माह तक सपा को झेलते रहे और अतंत आज उन्होंने सपा को छोड़ ही दिया।


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