अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर मे 2 नवंबर को आर्य बीर दल द्वारा अटल चौराहे पर सामूहिक यज्ञ तथा भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम मे आर्य वीर दल देवी पाटन परिमंडल के पदाधिकारियों चंद्र केतु आर्य, विनोद आर्य, अरुण आर्य तथा संतोष आर्य द्वारा मुख्य अतिथि जन्मेजय सिंह तथा क्षेत्र के प्रतिष्ठित संकटा नंद मिश्र, राज नारायण गिरी, प्रेम नारायण गिरि, अभिषेक मिश्र, दीनबंधु तिवारी, अनंत राम तिवारी, रवि शंकर मिश्र, प्रतीक मिश्र, रविंद्र मिश्र, कार्यक्रम आयोजक राजकुमार तिवारी व अजय कुमार तिवारी को महर्षि दयानंद का चित्र अंकित स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि जन्मेजय सिंह ने अपने उद्बोधन में आर्य समाज के क्रांतिकारी कार्यों जैसे देश की आजादी, शुद्धि आंदोलन, नशा मुक्ति आंदोलन, विधवा विवाह, नारी शिक्षा तथा बाल विवाह, सती प्रथा, दहेज प्रथा, छुआछूत जैसी कुप्रथाओं पर विराम लगाने के प्रयास का विशेष उल्लेख किया । आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश के प्रचार मंत्री अशोक आर्य ने बताया कि महर्षि दयानंद की 200वीं जयंती विश्व स्तर पर मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 97 सदस्यों की एक सरकारी समिति गठित करके उसमें स्वयं अध्यक्ष तथा गृह मंत्री अमित शाह सहित अपने मंत्रिमंडल के प्रमुख मंत्रियों, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई प्रदेश के राज्यपाल व मुख्य मंत्रियों तथा आर्य समाज व आर्यवीर दल के प्रमुख पदाधिकारियों को सदस्य नामित करके राजग्या जारी कर दिया । 12 फरवरी 2023 को दिल्ली में स्वयं योगी करके समारोह का उद्घाटन किया, तभी से भारत सहित पूरे विश्व में विविध कार्यक्रम चल रहे हैं । साथ ही आर्य वीर दल द्वारा प्रत्येक कमिश्नरी मुख्यालय पर 200 कुंडीय यज्ञ तथा 200 आर्य वीरों के शौर्य प्रदर्शन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है । उसी श्रृंखला में 3 दिसंबर 2023 रविवार को गोंडा के शहीद ए आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित है और 13 जनवरी से 12 फरवरी 2024 तक प्रयागराज में विश्व वेद सम्मेलन व 201 यज्ञशालाओं में एक महीने तक लगातार चलने वाला विशाल कार्यक्रम आयोजित है । ऐसाा कार्यक्रम 5000 वर्षों के बाद आयोजित होने वाला विश्व का प्रथम महायज्ञ है जिसमें 500 कुंतल घी तथा 150 टन हवन सामग्री द्वारा वातावरण की शुद्धि की जाएगी । इस महायज्ञ में 100000 यजमान आहुति देंगे । आर्य जी ने आगे बताया कि प्रत्येक यज्ञशाला में एक गौ माता होगी उसी गौ माता के दूध से बने खीर से प्रतिदिन उस हवन कुंड में बलिवैश्वदेव यज्ञ आहुति दी जाएगी । उस यज्ञ वेदी के सपत्नीक यज्ञमान ही गौ माता की सेवा करेंगे । इस प्रकार संपूर्ण यज्ञ क्षेत्र में 201 गाएं होंगी । प्रत्येक यज्ञशाला में धनुष बाण धारी 2 आर्यवीर उपस्थित रहेंगे, जो हर दृष्टि से यज्ञ की रक्षा करेंगे । कार्यक्रम में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूर्व पंजीकरण होगा । बिना परिचय पत्र के कोई भी कार्यक्रम क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाएगा । पंजीकृत सभी यजमानों के लिए आवास, भोजन तथा जलपान की निशुल्क व्यवस्था है । गिनीज बुक ऑफ़ विश्व रिकॉर्ड में इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सम्मिलित करने की स्वीकृति मिल गई है । शांति पाठ और सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।

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