वेदव्यास त्रिपाठी
प्रतापगढ़ :शहर में स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज में तिलक लगाकर पढ़ने आने वाली छात्राओं के साथ बार बार विद्यालय की अध्यापिका द्वारा दुर्व्यवहार निंदनीय है। कुछ छात्राओ द्वारा इसकी शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा किया गया था। जिसकी जानकारी हेतु परिषद के कुछ प्रमुख कार्यकर्ता विद्यालय के प्रधानाचार्य मिले और विषय से अवगत कराया। लेकिन प्रधानाचार्य और प्राध्यापिका ने इस तरह के विषय से मना कर दिया। तिलक लगाकर विद्यालय आने वाली छात्राओं से पूछने पर सभी ने कहा की विद्यालय में तिलक लगाकर आने पर मना किया जाता है साथ ही प्रेक्टिकल में नंबर कम करने की धमकी दी जाती है। विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओ एवं संगठन के कार्य को अनुचित एवं गलत कहा गया साथ ही विद्यार्थियों को संगठन का सदस्य बनाने पर सदस्यता शुल्क पांच रुपया लिया जाना भी वसूली बताया। जिससे परिषद के कार्यकर्ता नाराज होकर गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगे।जिला संयोजक यशस्वी सिंह ने बताया कि विद्यालय की प्राध्यापिका मंजू कुशवाहा द्वारा पहले भी परिषद की छात्रा कार्यकर्ताओं द्वारा गलत मानसिकता द्वारा दुव्यवहार किया गया था। जिसकी शिकायत विद्यालय की प्रधानाचार्य से की गई थी।काशी प्रांत के इंटर कालेज संयोजक रमेश सिंह पटेल ने कहा की विद्यालय में विभन्न धर्म समुदाय के विद्यार्थी पढ़ाई करते है। लेकिन उनके धर्म से जुड़े विषयों पर आपत्ति ठीक नही। विद्यालय की प्राध्यापिका द्वारा सनातन धर्म को बदनाम एवं अपनाम करना उनकी कुंठित विचार को प्रकट करता है साथ ही छात्राओ को तिलक लगाकर आने से मना करना उनकी धर्म विरोधी गतिविधि को दर्शाता है।प्रांत सहमंत्री सुधांशु रंजन मिश्रा ने कहा की पचास लाख से अधिक विद्यार्थी सदस्यता का विश्व में सबसे बड़ा राष्ट्रवादी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद है जो अपने स्थापना काल से ही अपनी कार्य पद्धति के आधार पर विद्यार्थियों की लोकप्रिय संगठन है। बिना किसी आधार के संगठन पर आरोप लगाना एवं परिसर में सनातन धर्म विरोधी गतिविधि करना एक शिक्षक के लिए अशोभनीय है। विद्यार्थी परिषद में सभी धर्म समुदाय के विद्यार्थी सदस्य एवं कार्यकर्ता है। परिषद ने कभी भी किसी धर्म समुदाय का विरोध नही किया लेकिन विद्यालय के तुच्छ मानसिकता की प्राध्यापिका द्वारा सनातन धर्म को अपमानित करना एवं छात्राओ को तिलक लगाकर विद्यालय आने से मना करना एवं ऐसा न करने पर प्रेक्टिकल में नंबर कम करने एवं अन्य प्रकार की धमकी देना परिषद स्वीकार्य नहीं कर सकता। इसे मानसिकता वाले को कैंपस से मुक्त करना चाहिए।आंदोलन स्थल पर जिला विद्यालय निरीक्षक डा सरदार सिंह ने पहुंच कर विषय की गंभीरता को समझा एवं आंदोलन को समाप्त करने का आग्रह किया। परिषद के कार्यकर्ताओ ने प्राध्यापिका के निष्कासन का मांग पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया और जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की ।इस मौके पर शिवानी मतनहेलिया, अनिकेत तिवारी,कार्तिकेय पांडेय, स्वेता ,बालाजी ओझा, कृपा, अभिषेक, राम मिश्र, सुमित गुप्ता, धर्मेंद्र प्रजापति, अंजनी दुबे, राहुल मौर्य, आदि लोग मौजूद रहे


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