अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के एमएलके पीजी कॉलेज में आदि संस्थापक महाराजा सर पाटेश्वरी प्रसाद सिंह की स्मृति में चल रहे संस्थापक सप्ताह समारोह के दूसरे दिन सोमवार को आशु कविता, मेहदी रचे हाथ व क्षणिकाएं प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में सृष्टि, छवि, रागिनी, रंजना व रमा ने बाजी मारी।
23 फरवरी को आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव कर्नल संजीव कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि आशु कविता का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों की तत्कालिक रचनात्मकता, मौलिक सोच और तीव्र अभिव्यक्ति क्षमता को निखारना है। यह प्रतियोगिता रचनात्मक लेखन, कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और भाषा कौशल के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के साथ-साथ साहित्य के प्रति प्रेम पैदा करने के लिए आयोजित की जाती है। प्राचार्य प्रो0 पाण्डेय ने इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, त्वरित सोच, और भाषाई कौशल को निखारने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रतियोगिता बिना पूर्व तैयारी के अचानक दिए गए विषयों पर कविता रचने की क्षमता विकसित करती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है, कल्पनाशीलता को पंख मिलते हैं और वे भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करना सीखते हैं।
मुख्य नियंता प्रो0 वीणा सिंह ने सभी का स्वागत किया जबकि सांस्कृतिक निदेशक प्रो0 रेखा विश्वकर्मा ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतियोगिता का संचालन महाविद्यालय के एसोसिएट एन सी सी ऑफिसर लेफ्टिनेंट(डॉ) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया। डॉ राम रहीस के संयोजकत्व में आयोजित आशु कविता प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को "मेरे सपनों का नेता"विषय पर प्रतिभागियों को कविता लिखना था तथा उसमें चयनित प्रतिभागियों को उसका वाचन भी करना था। प्रतियोगिता के निर्णायक प्रो0 विमल प्रकाश वर्मा, डॉ ए के दीक्षित व डॉ बी एल गुप्त ने बीएड द्वितीय वर्ष की रंजना चौधरी व बीएससी द्वितीय वर्ष की रमा पाठक को संयुक्त रूप से प्रथम, बीएड प्रथम वर्ष के प्रशांत चौबे को द्वितीय व बीएड प्रथम वर्ष की रागिनी को तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया । डॉ वंदना सिंह के संयोजकत्व में आयोजित मेहंदी रचे हाथ प्रतियोगिता में निर्णायक लेफ्टिनेंट (डॉ) देवेन्द्र कुमार चौहान, सीमा पाण्डेय व मणिका मिश्रा ने एम ए द्वितीय वर्ष की सृष्टि पाण्डेय को प्रथम, बीए प्रथम वर्ष की शाफ़िया को द्वितीय व बीए तृतीय वर्ष की प्रांजु मोदनवाल को तृतीय पुरस्कार के लिए चुना। वहीं डॉ आशीष लाल के संयोजकत्व में "पहचान"विषय पर क्षणिकाएं प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ अभय नाथ ठाकुर, डॉ अवनीन्द्र दीक्षित व मनीषा तिवारी ने बीएससी तृतीय वर्ष की छवि तिवारी व बीएड प्रथम वर्ष की रागिनी को संयुक्त रूप से प्रथम, बीएड प्रथम वर्ष की हर्षिता गुप्ता को द्वितीय एवं बीएड द्वितीय वर्ष के प्रशांत चौबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर डॉ ऋषि रंजन पाण्डेय, डॉ भानु प्रताप, डॉ रिंकू, कृतिका तिवारी, डॉ साक्षी शर्मा, गौरी पुरी, प्रतीची सिंह व शिवम सहित कई लोग मौजूद रहे।
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