अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में समाजवादी पार्टी मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में शनिवार को नगर पालिका परिषद बलरामपुर द्वारा नगर के आर्थिक रूप से कमजोर मीट व्यापारियों को डरा धमका कर जबरन उनकी दुकानें बंद कराने और फर्जी मुकदमे में फंसाने का असंवैधानिक फरमान जारी करने के विरोध में तथा पीड़ित दुकानदारों के अधिकारों को प्रशासन द्वारा संवैधानिक संरक्षण दिये जाने के संबंध में जिलाधिकारी बलरामपुर को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी ज्योति राय को दिया ।
समाजवादी मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव ने 28 फरवरी को बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के आर्थिक रूप से कमजोर मीट व्यापारियों के विरुद्ध एक पक्षपातपूर्ण एवं असंवैधानिक कार्रवाई तानाशाही है जो कि भाजपा सरकार की सामतवादी नीति है, जिला समाजवादी संगठन ऐसे असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर व्यापारियों के हक की लड़ाई लड़ेगी । उन्होंने कहा कि व्यापारियों को डरा-धमकाकर उनकी वैध रूप से संचालित दुकानों को जबरन बंद कराया जा रहा है तथा कुछ दुकानदारों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। यह कार्रवाई न केवल मानवीय दृष्टि से अनुचित है, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 14 के अंतर्गत सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्राप्त है। अनुच्छेद 19(1)(g) के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को वैध व्यवसाय करने का अधिकार है। अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन एवं आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। नगर पालिका द्वारा बिना वैधानिक प्रक्रिया का पालन किये, बिना पूर्व सूचना एवं बिना वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए दुकानों को बंद कराना पूर्णतः अवैधानिक एवं मनमाना कृत्य है। इससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट उत्पन्न होने की प्रबल संभावना है । अधिकांश प्रभावित व्यापारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं, जिनका एकमात्र आय स्रोत यही व्यवसाय है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से नगर पालिका परिषद द्वारा जारी असंवैधानिक आदेश को निरस्त कराने की मांग की है। श्री श्रीवास्तव ने मांग किया है कि जिन दुकानदारों को अवैध रूप से प्रताड़ित किया गया है, उन्हें सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान किया जाए। फर्जी मुकदमों की धमकी दिये जाने की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पूर्व वैधानिक प्रक्रिया, नोटिस एवं सुनवाई का अवसर सुनिश्चित किया जाए। प्रभावित व्यापारियों की आजीविका की रक्षा हेतु प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
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