अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में पाक रमजान महीने के अंतिम दिन चल रहे हैं । रोजेदार ईद की तैयारी में जोर-जोर से जुड़े हैं । जानकार बताते हैं कि ईद उल फितर की नमाज से पूर्व कुछ आवश्यक का एहतियात जरूरी है।
ज़िले के वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ एवं समाज सेवी डॉ अख्तर रसूल खान ने 18 मार्च को बताया कि ईद से ठीक पहले सबसे जरूरी काम फितरा (सद्कतुल फितर) व ज़कात की रकम अदा करना है । यह ईद की नमाज़ से पहले गरीबों को दिया जाने वाला अनिवार्य दान है, ताकि वे भी ईद मना सकें। इसके अलावा, रात में चाँद देखना, घर की साफ-सफाई, नए कपड़े तैयार करना और परिवार के साथ खुशियां बांटना जरूरी होता है।
ईद से पहले के प्रमुख कार्य (सुन्नत और परंपरा):
फितरा की अदायगी:
यह रमज़ान के रोज़ों की त्रुटियों को शुद्ध करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए ईद की नमाज़ से पहले देना अनिवार्य है।
चाँद देखना:
ईद का निर्धारण 29 या 30वें दिन चाँद देखने के बाद होता है।
घर की सजावट और तैयारी: घर की गहरी सफाई, सजावट, और सेवइयां पकवान तैयार करना।
नहाकर तैयार होना:
ईद की सुबह गुस्ल (स्नान) करना और साफ-सुथरे (या नए) कपड़े पहनना।
खुशबू का इस्तेमाल:
नमाज़ के लिए निकलने से पहले इत्र या खुशबू का उपयोग करना सुन्नत है।
मीठा खाकर जाना:
ईद की नमाज़ (ईद-उल-फितर) से पहले खजूर या कोई मीठी चीज़ खाना। बेहतर है कि हम सभी ईद की नमाज ईद गाह में अदा करें और अपने दूर, नजदीक, अमीर, गरीब ,हिन्दू, मुस्लिम, सिख, व सभी धर्मों में भाईचारे एवं मोहब्बत के पैगाम के साथ सभी गिले शिकवे भूल कर उनको गले लगाए और मोहब्बत का पैगाम दें ।
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