अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर सहित पूरे प्रदेश एवं देश में नवरात्र की धूम शुरू हो चुकी है । देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है । श्रद्धालु नवरात्र व्रत भी प्रारंभ कर चुके हैं । व्रत एवं उपवास के बहुत सारे वैज्ञानिक फायदे भी हैं जिसे गुरुवार को डॉक्टर डॉक्टर अख्तर रसूल ने हमारे प्रतिनिधि को विस्तार से बताया ।
ज़िले के वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ एवं समाज सेवी डॉ अख्तर रसूल खान ने 19 मार्च को बताया कि नवरात्रि के व्रत (उपवास) नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व हैं, जो आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ शारीरिक डिटॉक्स (विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने) में मदद करते हैं। यह व्रत पाचन तंत्र को आराम देकर इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, वजन नियंत्रित करते हैं और मानसिक स्पष्टता लाते हैं। यह मौसम परिवर्तन के समय शरीर को मौसमी बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं।
नवरात्रि व्रत के फायदे (स्वास्थ्य और आध्यात्मिक):
पाचन में सुधार: व्रत के दौरान सात्विक भोजन (कुट्टू, सिंघाड़ा, फल) करने से पाचन अग्नि मजबूत होती है और डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलता है।
शारीरिक डिटॉक्स (Detoxification): व्रत शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
इम्यूनिटी और ऊर्जा: यह प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) को बढ़ाता है, जिससे मौसमी बदलावों में संक्रमण से बचाव होता है।
मानसिक शांति और एकाग्रता: नौ दिनों का अनुशासन, ध्यान और सात्विक आहार से मन को शांति मिलती है और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है।
वजन प्रबंधन (Weight Management): हल्का और सात्विक आहार लेने से कैलोरी नियंत्रित होती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
आध्यात्मिक ऊर्जा: मां दुर्गा की पूजा से आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
व्रत के नियम:
सात्विक आहार: सेंधा नमक, फल, दूध, दही, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे का सेवन करें।
परहेज: अनाज, दालें, मांसाहार, प्याज और लहसुन से दूर रहें।
मानसिक संयम: क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें, तथा नौ दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करने की मान्यता है। उन्होंने सलाह दिया कि उपवास रखने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
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