अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के तहसील तुलसीपुर क्षेत्र अंतर्गत भंगहा कलां स्थित ग्रामीण डाकघर के शाखा डाकपाल की मृत्यु पर परिजनों ने पोस्टमास्टर जनरल को पत्र लिखकर सहायक पोस्ट मास्टर डाकघर बलरामपुर को जिम्मेदार ठहराया है । मृतक विजय प्रताप यादव के भाई राकेश कुमार यादव ने पत्र लिखकर चीफ पोस्टमास्टर जनरल से पूरे मामले की जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि लंबे समय तक मृतक विजय प्रताप को निलंबित रखा गया और बहाली के लिए 50000 रुपए की मांग की गई । समय से पूरी रकम न दे पाने के कारण बहाली नहीं की गई । इसी सदमे में आकर विजय प्रताप की आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिसके लिए पूर्ण रूप से सहायक पोस्ट मास्टर अशोक कुमार सोनी को जिम्मेदार ठहराया गया है ।
यह है पूरा मामला
मृतक के भाई राकेश कुमार यादव द्वारा चीफ पोस्टमास्टर जनरल को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि राकेश कुमार यादव निवासी ग्राम भचकहिया भंगहा कला थाना तुलसीपुर परगना व तहसील तुलसीपुर जिला बलरामपुर का निवासी है। पीड़ित के भाई स्व० विजय प्रताप यादव पुत्र स्वा कैलाश यादव निवासी ग्राम भंगहा कलां में शाखा डाकपाल ABPM के पद पर कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु 28 अप्रैल 2026 को सम्बन्धित अधिकारी सहायक डाक अधीक्षक जनपद बलरामपुर के मानसिक उत्पीडन के कारण हो चुकी है। आरोप है कि पीड़ित के भाई 13 दिसंबर 2025 को डाकघर डियूटी पर जाते समय मोटर साइकिल से दुर्घटना हो जाती है। दुर्घटना में उनके भाई का पैर फैक्चर हो जाता है, जिन्हें राहगीरों की सहायता से अस्पताल तुलसीपुर में इलाज हेतु भर्ती कराया गया। घटना की सूचना विभाग को दे दी गयी। इसके बावजूद भी सहायक अधीक्षक ए० के० सोनी ने तत्कालीन डाक सहायक व SPM से रिपोर्ट कराकर बिना निरीक्षण के निलंबित कर दिया । इसके बाद स्व० विजय प्रताप यादव के मिलने पर 50000/- पचास हजार रुपए की मांग सहायक अधीक्षक द्वारा की गयी। लक्ष्य के लिए एकल तथा लक्ष्य के लिए आरडी खाता खुलवाया गया । बहाली के नाम पर कुछ रूपया रिश्तेदार से लेकर व जीविकोपार्जन भत्ता 25 प्रतिशत का भुगतान तुलसीपुर एस०ओ० से कराकर कुल 30000/- तीस हजार रू० ले लिया गया। इसके बाद जब विजय यादव ने डाक अधीक्षक से मुलाकात किया तो उनके द्वारा कहा गया कि सहायक अधीक्षक से मिलकर पूरा हिसाब कर दो, तब आपको बहाल किया जायेगा, जिस कारण प्रार्थी का भाई उत्पीडित था और बहुत परेशान रहने लगा। उसकी पत्नी की पिछले वर्ष मृत्यु हो चुकी है। उसके पास तीन बेटियां है व एक बेटा है जिसका नाम क्रमशः निशा 12 वर्ष, नीरा 10 वर्ष, नीतू 7 वर्ष तथा बेटा नितेश 5 वर्ष का है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि विभागीय अधिकारियों के मिलीभगत एवं उत्पीडन के कारण पीड़ित के भाई की मृत्यु 28 अप्रैल 2026 को हार्टअटैक से हो गयी है। विजय की मां बच्चों को देखभाल करती थी। इस कारण पांच लोगों का जीवन यापन बहुत ही दुखद है। पत्र में चीफ पोस्टमास्टर जनरल से अनुरोध किया गया है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए । साथ ही मृतक के बच्चों के भविष्य हेतु आवश्यक सहायता उपलब्ध कराया जाए ।
अधिकारियों का पक्ष है
पूरे आरोप पर अपना पक्ष रखते हुए सहायक पोस्ट मास्टर अशोक कुमार सोनी ने बताया कि पूरी कार्यवाही विभागीय नियमों के अनुसार की गई है । विजय प्रताप द्वारा लगातार विभागीय अनुशासनहीनता तथा कार्य में लापरवाही की जा रही थी, जिसके कारण उच्चाधिकारियों के अनुशंसा पर निलंबन की कार्यवाही की गई । उन्होंने बताया कि जांच अंतिम चरण चरण में था और शीघ्र बहाली होने वाली थी । इसी दौरान उसकी मृत्यु हो गई, जिसके लिए वे खुद अथवा उनका विभाग किसी प्रकार उत्तरदाई नहीं है । उन्होंने कहा कि उनकी संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है ।
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