सुनील उपाध्याय
बस्ती यूपी । सरकार आदेश के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने से नहीं चूक रहे हैं जहां सरकार महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए तमाम प्रयास कर रही है । जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के चलते उन्हें रोजगार मिलना दुर्लभ हो गया
जिसके चलते उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है । अगर जिले में उपलब्ध आंकड़ों की बात करें तो रोजगार उपलब्ध कराने के मामले मे स्थिति काफी संतोषजनक नहीं है ।
ताजा मामला दुबौलिया ब्लॉक के सामने स्थित तालाब का जहां जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के चलते तालाब में खुदाई का काम मनरेगा मजदूरों के बजाय मशीनों से कराया जा रहा था जिसे क्राइम जंक्शन ने इसे भी पढ़े : मनरेगा मजदूरों के बजाय मशीनों से कराया जा रहा है तालाब में खुदाई का काम शीर्षक से खबर प्रमुखता के साथ प्रसारित किया जिसे अधिकारियों ने संज्ञान लेकर शख्त कदम उठाया |
खबर को संञान लेते हुए
उपायुक्त मनरेगा अनिल सिह ने बीडीओ दुबौलिया तलब किया करते हुए जारी मनरेगा का गाइड लाइन का पालन न करने वाले दोषियो पर कार्यवाही की बात कही,
क्या है नियम
मनरेगा योजना में स्पष्ट प्राविधान है कि मानव श्रम को विस्थापित करने वाली मशीनों का प्रयोग प्रतिबंधित है किन्तु वही यह भी व्यवस्था दी गई है कि जो कार्य मानव श्रम साध्य न हो वहाँ पर मशीनों का प्रयोग कुछ खास शर्तो के साथ अनुमन्य है जैसे नदियों,बड़े व कंटीले झाड़ीदार नालो /तालाबो की खुदाई , बिल्डिंग बनाते समय मिक्सर व सी सी रोड में वाइब्रेटर का प्रयोग किया जाना mgnrega operational guide लाइन्स 2014 में अनुमन्य किया गया है ।
यदि कार्य की id नहीं generate की गई है और एम आर नही जारी हो तो ऐसा कार्य मग्नरेगा का कार्य नही माना जाना चाहिए।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ