सुनील उपाध्याय
बस्ती : ओवरब्रिज हादसे की जांच के लिए लखनऊ की तकनीकी टीम जांच करने के लिए बस्ती रवाना हो चुकी है।
बस्ती के जिलाधिकारी डा. राजशेखर सिंह ने कहा है
ओवरब्रिज हादसे की जाच को लखनऊ से उच्चस्तरीय तकनीकी टीम आ रही है। इसका निर्माण हैदराबाद की केएमसी कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। ओवर ब्रिज कैसे गिरा, निर्माण में खामियां थी या कोई और वजह है। यह जाच के बाद ही साफ होगा।
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| गिरा ओवर ब्रिज |
घटना के बाद पत्रकारों से बातचीत में डीएम ने कहा पूरे घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। इस हादसे में तीन मजदूर घायल हुए हैं। इनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएमएस को घायलों के समुचित इलाज का इंतजाम करने को कहा गया है। डीएम ने बताया गिरे हुए ओवरब्रिज के मलबे को हटाने के लिए कटिंग मशीन मंगाई जा रही है। मलबा हटाने के दौरान मौके पर पुलिस अधिकारी और मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। इसके साथ ही ओवरब्रिज के बीच वाले हिस्से जिससे कलवारी टाडा की तरफ से बस्ती आने वाली गाड़िया बस्ती की ओर जाती थी उसे बंद कर आगे से हाईवे पर कुछ दूर आगे से टर्न कराया गया है। फैजाबाद से गोरखपुर की तरफ जाने वाले को अयोध्या के पास से डाइवर्ट किया गया है। मलबा हटाने में 24 से 48 घटे लग सकते है। शुरू हुआ मलबा हटाने का कार्य |
उधर, एसपी दिलीप कुमार ने बताया कि मलबे में कोई दबा नहीं है इसकी तस्दीक कर लेने के बाद यातायात को बहाल कर दिया गया है। मलबा हटाने का कार्य शुरू हो गया है।
बता दें कि कावड़ यात्रा के दौरान 6 अगस्त मध्य रात्रि से 9 अगस्त तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद था। कावड़ यात्रा के बाद फोरलेन बहाल हुआ तो वाहनों की लंबी कतार लग गई। अचानक 11 अगस्त सुबह में बस्ती में फोरलेन पर चल रहे वाहनों के पहिये थम गए।
लोग आश्चर्य में पड़ गए आखिर क्या हो गया। धीरे-धीरे फ्लाईओवर गिरने की सूचना फैली। घटना के बाद करीब चार घंटे तक फोरलेन को बंद दिया गया था। चार घंटे बाद करीब बारह बजे फोरलेन पर आवागम शुरू किया गया।



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