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काम से नहीं, बल्कि अपने कारनामों से जानी जाती है मोतीगंज पुलिस


एसपी के आदेश की आड़ में धन उगाही के लिए जगह जगह लगायी जा रही चेकिंग
 जेल भेजने की धमकी देकर वसूली जाती है अवैध रकम  
अविनाश सिंह
गोण्डा। जिले की मोतीगंज पुलिस पूरी तरह बेलगाम और निरंकुश है। आए दिन फरियादियों से अभद्रता, फरियादियों से वसूली, चेकिंग के नाम पर धन उगाही, कच्ची जहरीली शराब बनवाने के लिए वसूली, पेड़ों की अवैध कटान के लिए वसूली समेत जितने भी गोरखधंधे हैं, उन सबकी आड़ में सिर्फ और सिर्फ धन वसूली का ही गोरखधंधा चलाया जा रहा है।
     
मोतीगंज थाने की पुलिस अक्सर काम कम, अपने कारनामों से सुर्खियों में बनी रहती है। एक ताजा मामला प्रकाश में आया है, जिसमें पीड़ित तिलक राम मिश्रा का कहना है की वह नयी बाईक से आ रहे थे तभी रास्ते में हल्का नंबर दो के दरोगा राजेश कुमार पांडेय ने उनकी गाड़ी को रोका और कागज मांगा। इस पर तिलकराम ने बताया की गाड़ी अभी नयी है। पंजीकरण प्रक्रिया में है। कागज अभी मिल नहीं पाया है। इस पर उक्त दरोगा ने पीड़ित की गाड़ी से चाबी निकाल कर पुलिसिया रौब में कहा की गाड़ी खड़ी कर दे। जब कागज लाना तब ले जाना। 

काफी मान मनौव्वल पर कहा की 500 रुपए दो चालान कटेगा। पीड़ित के पास मात्र 300 रुपए ही उस वक्त था जिसको दरोगा को देने पर दरोगा ने 100 रुपए के चालान की रसीद पकड़ायी तो पीड़ित ने कहा कि साहब रसीद तो 100 रुपए की ही है। इतना सुनते ही दरोगा राजेश कुमार पाण्डेय भड़क गया और कहा कि फूट लो वर्ना गाड़ी सीज करके तुमको जेल भेज दूंगा। पीड़ित ने बताया की मोतीगंज पुलिस आए दिन चेकिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली करके अपनी जेब भर रही है और शिकायत करने वालों का उत्पीड़न कर रही है।
   
गोण्डा के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक और शासन के द्वारा लगातार कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखकर जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने का निर्देश जारी किया जाता रहा है, वहीं मोतीगंज पुलिस उच्चाधिकारियों एवं शासन की मंशा पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।



सांसद की शिकायत पर कहोबा चौकी इंचार्ज पद से हटाया गया था दरोगा
दरोगा राजेश कुमार पाण्डेय रंगबाज और निरंकुश है। बताया जाता है कि इन्हें मोतीगंज थाने की कहोबा चौकी का इंचार्ज बनाया गया था। आते ही इन्होंने अपने कारनामे से क्षेत्र में तहलका मचा दिया। इसकी शिकायत क्षेत्रीय लोगों द्वारा कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह से की गई। 

जनता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने इन्हें दस दिन के भीतर ही हटा दिया था। बताते हैं कि दरोगा राजेश पाण्डेय जहां भी जाते हैं, वहां अपने कारनामों से चर्चा में आ जाते हैं और फिर कुछ दिन में ही इन्हें बुक कर दिया जाता है।
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